साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, यातायात नियमों पर पुलिस ने दी अहम जानकारी
जिला पुलिस बल दमोह और उच्च शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दमोह में "जन सुरक्षा – युवा सृजन संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य कॉलेज के विद्यार्थियों में सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता और क्षमता विकसित करना था। इस संवाद में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि (भा.पु.से) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने "युवा सृजन" के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं की समाज निर्माण में भूमिका को समझाया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग समाज की सकारात्मक ऊर्जा और परिवर्तन का वाहक है। युवाओं को अपनी रचनात्मक क्षमता का उपयोग सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने, कानून का सम्मान करने और एक सुरक्षित व जिम्मेदार समाज के निर्माण में करना चाहिए। पुलिस अधीक्षक दमोह ने छात्र-छात्राओं को वर्तमान में हो रहे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इन अपराधों से बचने, इनके विस्तार को रोकने, नशे से दूर रहने और उसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी प्रेरित किया कि ऐसे अपराध होने पर तुरंत पुलिस से सहयोग लें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, उनके घटित होने के तरीकों और पुलिस द्वारा की जाने वाली वैधानिक कार्रवाई की जानकारी दी। साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और एनसीआरवी पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करने के लिए प्रेरित किया। महिला थाना प्रभारी फेमिदा खान ने छात्राओं को महिला संबंधी अपराधों, कानूनी अधिकारों, घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ जैसे विषयों पर जानकारी दी।

