भागीरथपुरा हादसे के जिम्मेदार अधिकारी को कलेक्टर बनाए जाने पर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति
प्रदेश सरकार ने हाल ही में किए गए तबादलों में इंदौर नगर निगम के पूर्व अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को रायसेन का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति पर इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कड़ी आपत्ति जताई है। चौकसे का आरोप है कि जिस अधिकारी को भागीरथपुरा हादसे का जिम्मेदार माना गया है और जांच रिपोर्ट में जिसका नाम भी शामिल है, उसे सरकार ने कलेक्टर जैसा महत्वपूर्ण पद सौंप दिया है। चौकसे ने कहा कि यह फैसला सरकार द्वारा भागीरथपुरा के नागरिकों के साथ किया गया एक भद्दा मजाक है। दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद, हाईकोर्ट द्वारा गठित जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर पीड़ित परिवारों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने इसके बजाय सिसोनिया को कलेक्टर बना दिया, जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने यह भी बताया कि भागीरथपुरा कांड के बाद सरकार ने तत्कालीन अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को निलंबित करने की बात कही थी, लेकिन निलंबन आदेश कभी जारी नहीं हुए। इसके बजाय, उन्हें इंदौर से हटाकर हटा भेज दिया गया था। फाइलों में देरी के चलते भागीरथपुरा में पाइप बदलने के काम में भी सिसोनिया की भूमिका संदिग्ध थी, जिससे वे जिम्मेदार ठहराए गए थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार को जनता की समस्याओं की बजाय अभी भी अफसरों की चिंता अधिक है। भागीरथपुरा के लोग जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सिसोनिया को कलेक्टर बनाकर सरकार ने उनकी भावनाओं से खिलवाड़ किया है। यह स्थिति प्रदेश की जनता के लिए चिंताजनक है।

