पुलिस मुख्यालय में आयोजित विदाई एवं सम्मान समारोह में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक बालाघाट मलय जैन को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। जैन को यह नई जिम्मेदारी मिलने पर मुख्यालय में उन्हें विदाई दी गई। डीजीपी ने जैन को पुष्पमाला पहनाकर और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और बालाघाट में नई जिम्मेदारी के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दीं। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि दिसंबर 2024 में स्टाफ ऑफिसर के रूप में मलय जैन का चयन उनके ईमानदार, कर्मठ और विवादरहित कार्य व्यवहार को प्राथमिकता देकर किया गया था। उन्होंने स्टाफ ऑफिसर के रूप में जनसुनवाई के आवेदनों की नियमित निगरानी और ट्रैकिंग तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल पुरस्कृत करने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने अपने पूर्व अनुभव साझा करते हुए बताया कि बालाघाट जिला पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि लगभग 32 वर्ष पूर्व वहां संचार सुविधाओं का अभाव, घने जंगलों में लंबी पैदल गश्त तथा बारूदी सुरंगों जैसे गंभीर खतरों के बीच पुलिस बल को कार्य करना पड़ता था। उस दौर में पुलिसकर्मियों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल के सतत प्रयासों से आज बालाघाट में नक्सली समस्या समाप्त हुई है। ऐसे में जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में पुलिस बल का मनोबल बनाए रखना, सतर्कता कायम रखना और उपलब्धियों को निरंतर बनाए रखना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
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डीजीपी ने एसपी मलय जैन को बालाघाट में नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं
6 नवंबर 2026 को 11:08 pm बजे
डीजीपी ने एसपी मलय जैन को बालाघाट में नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं
