त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। सड़क पर अस्थाई दुकानें लगाने तथा दुकानों के बाहर सामान रखने से होने वाली समस्या को देखते हुए व्यापारियों से सहयोग की अपेक्षा की गई।
दमोह में आगामी शारदीय नवरात्र, गरबा, दशहरा, दीपावली और गुरु नानक जयंती जैसे प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भव्यता के साथ मनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में आयोजित शांति समिति की बैठक में इन पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि, शांति समिति के सदस्य और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। पर्वों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए प्रशासन आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा। बैठक में विशेष रूप से महिला एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पंडालों और आयोजन स्थलों की सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जनसुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर यादव ने कहा कि सभी त्योहार धूमधाम और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने नगर पालिका को प्रमुख मंदिरों, पंडालों, विसर्जन स्थलों और मार्गों पर नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश और जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खराब सड़कों की मरम्मत और प्रमुख मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य समय से पहले पूरे करने पर जोर दिया गया। त्योहारों के दौरान भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। घंटाघर सहित प्रमुख बाजार क्षेत्रों में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई जा रही है। अस्थाई दुकानें लगाने और दुकानों के बाहर सामान रखने से होने वाली समस्याओं को देखते हुए व्यापारियों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। छोटे व्यापारियों को तहसील ग्राउंड में व्यवस्थित करने के लिए उन्हें पूर्व सूचना देने पर भी सहमति बनी। महाकाली चौराहा, बड़ी देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रभावी पुलिस व्यवस्था रहेगी। प्रतिमा विसर्जन में भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए क्रेन के माध्यम से विसर्जन की व्यवस्था पर शांति समिति ने सहमति व्यक्त की। जवारा विसर्जन के लिए दीवान जी की तलैया में विशेष साफ-सफाई, पर्याप्त पानी और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बड़े पंडालों की मजबूती का परीक्षण संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाएगा और आवश्यक प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। पंडालों में विद्युत व्यवस्था, जनरेटर, अग्निशमन यंत्र, पानी और आपातकालीन संसाधनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महिला सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि ने बताया कि प्रमुख आयोजन स्थलों पर शक्ति टीम की नियमित निगरानी रहेगी और आवश्यकतानुसार महिला पुलिस बल तैनात किया जाएगा। गरबा आयोजकों को प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा चेकलिस्ट का पालन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने आयोजकों से भी अपील की कि वे अपने आयोजनों में आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखें और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। पंडालों में अग्निशमन उपकरण एवं पानी की उपलब्धता अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया है। साथ ही, विद्युत तारों और अस्थाई कनेक्शनों की जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कटी-पड़ी तारों को तत्काल व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित सीमा में करने तथा आयोजनों में किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि नहीं होने देने के निर्देश दिए गए।

