मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने 30 अक्टूबर को आष्टा संभाग के जावर में आईपीडीएस टाउन वितरण केंद्र का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युत वितरण व्यवस्था, तकनीकी कार्यों और वाणिज्यिक गतिविधियों की समीक्षा की। एमडी ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एटीएंडसी हानि कम करने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाने तथा बिजली चोरी और अनधिकृत विद्युत उपयोग पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए
मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने 30 अक्टूबर को आष्टा संभाग के जावर में स्थित आईपीडीएस टाउन वितरण केंद्र का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्युत वितरण व्यवस्था, तकनीकी कार्यों और वाणिज्यिक गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। एमडी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करें। उन्होंने विद्युत वितरण कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान, एमडी ने एटीएंडसी (एटी&सी) हानि को कम करने के लिए एक सघन चेकिंग अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने बिजली चोरी और अनधिकृत विद्युत उपयोग पर तत्काल रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए। उनका मानना था कि इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने से कंपनी के राजस्व में वृद्धि होगी और वितरण प्रणाली में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं के लंबित बिलों की वसूली में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। एमडी ने सबसे अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं की सूची तैयार करने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो उपभोक्ता नियमानुसार भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके कनेक्शनों को अविलंब काटा जाए। यह सुनिश्चित करेगा कि कंपनी का वित्तीय स्वास्थ्य बना रहे। विशेष रूप से, एमडी ने स्टोन क्रशर कनेक्शनों के बकाया बिलों की वसूली के लिए जिला खनिज अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। यह कदम उन बड़े बकाएदारों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण था जो उत्पादन में लगे हुए हैं और जिनके भुगतान में देरी से कंपनी को नुकसान हो रहा है। इसके अतिरिक्त, विद्युत लाइनों में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या को रोकने के लिए निवारक रखरखाव (प्रिवेंटिव मेंटेनेंस) पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। एमडी ने पेड़ों की छंटाई, जम्पर और इंसुलेटर की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इन उपायों से बिजली आपूर्ति की निरंतरता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ मीटर या तो बंद थे या खराब थे। एमडी ने इन मीटरों को तत्काल बदलने का आदेश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि वास्तविक खपत के आधार पर शत-प्रतिशत सही बिलिंग की जाए। इसके साथ ही, अस्थायी कनेक्शनों के लंबित बकाया की वसूली के लिए भी विशेष अभियान चलाने को कहा गया। एमडी ने अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने, राजस्व वसूली बढ़ाने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। इस निरीक्षण का उद्देश्य कंपनी के परिचालन दक्षता को बढ़ाना और वित्तीय स्थिति को मजबूत करना था। एमडी ने कहा कि इस तरह के निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कर्मचारियों को टीम भावना से काम करने और कंपनी के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। जावर वितरण केंद्र के निरीक्षण के दौरान, एमडी ने कर्मचारियों की कार्यशैली और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे कंपनी की रीढ़ हैं और उनके प्रयासों से ही कंपनी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकती है।
