भोपाल आंदोलन से जुड़े वायरल नारे पर भाजपा-कांग्रेस भिड़े, महिला सुरक्षा का मुद्दा गरमाया
केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नारे 'एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा' पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भोपाल में जैन जी के एक आंदोलन के दौरान कथित तौर पर लगाए गए इस नारे को उन्होंने समाज के लिए खतरनाक बताया है। चौहान के इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने चिंता जताते हुए कहा कि देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद ऐसे असामाजिक तत्व पनप रहे हैं। उन्होंने इस तरह की भाषा के इस्तेमाल को नारी शक्ति के अपमान के रूप में देखा और इस पर कड़ी आपत्ति जताई। चौहान ने जोर देकर कहा कि भाजपा नारी शक्ति का सम्मान करती है, जबकि कांग्रेस के लिए यह सिर्फ मजाक का विषय है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी प्रदेश की बहनों को शराबी, आइटम, टंच माल और रस-चाशनी जैसे शब्दों से संबोधित करती है, जो माताओं-बहनों का सम्मान नहीं कर सकती। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी और सुकन्या समृद्धि जैसी कई योजनाएं महिलाओं के उत्थान के लिए चलाई हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने नारी शक्ति की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने इस नारे को महिलाओं के उत्पीड़न की चरम स्थिति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे नारों के दौर में अब 'बेटी पढ़ाओ और भाजपा से बचाओ' जैसे नारे लगने की जरूरत है। कांग्रेस का आरोप है कि शिवराज सिंह चौहान का बयान केवल दिखावा है और वे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा उठ गया है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं है। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार महिलाओं का अपमान करती आई है और उनके पास नारी शक्ति के सम्मान के लिए कोई योजना नहीं है। यह पूरा विवाद भोपाल के एक आंदोलन से जुड़ा है, जहाँ कथित तौर पर यह नारा लगाया गया था।

