सीहोर के वृद्ध आश्रम में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत बुजुर्गों का सम्मान हुआ। इस दौरान उन्हें उपहार भेंट किए गए और उनके अनुभव सुने गए
सीहोर के संकल्प वृद्ध आश्रम में जिला प्रशासन और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने 'सेवा मेरा योगदान (सेवा संकल्प अभियान-2026)' के तहत एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों का सम्मान करना और उनके अनुभव तथा आशीर्वाद को समाज की अमूल्य धरोहर के रूप में स्वीकार करना था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि बुजुर्गों का सम्मान और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना ही सच्ची सेवा है। यह अभियान वृद्धजनों के प्रति समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में, सामाजिक न्याय विभाग की जिलाधिकारी महेश कुमार यादव ने वृद्धजनों के जीवन के महत्व और समाज में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के पास जीवन का वह अनुभव है जो किसी भी युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का काम कर सकता है। उनके आशीर्वाद में वह शक्ति है जो किसी भी बाधा को पार करने में सहायक सिद्ध हो सकती है। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि शासन द्वारा वृद्धजनों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उनके जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाना है। इस अवसर पर, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समाज में वृद्धजनों के सम्मान, बच्चों के उनके प्रति व्यवहार और बुजुर्गों के अधिकारों को लेकर एक सशक्त जागरूकता संदेश दिया गया। नुक्कड़ नाटक के कलाकारों ने जीवंत अभिनय के माध्यम से यह दर्शाया कि कैसे हम अपनी दैनिक दिनचर्या में छोटे-छोटे कार्यों से भी वृद्धजनों का सम्मान कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बुजुर्गों के अधिकार क्या हैं और समाज की यह जिम्मेदारी है कि वह उनके अधिकारों की रक्षा करे। कार्यक्रम में विशेष रूप से सांसद आलोक शर्मा, विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेंद्र मेवाड़ा ने भाग लिया। इन गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। उन्होंने अपने संबोधन में वृद्धजनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और उन्हें समाज का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के दौरान, वृद्ध आश्रम में निवासरत वृद्धजनों से आत्मीय संवाद स्थापित किया गया। अधिकारियों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने उनके सुख-दुख जाने, उनके अनुभवों को सुना और उनके जीवन के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस संवाद के माध्यम से वृद्धजनों को यह महसूस कराया गया कि वे अकेले नहीं हैं और समाज उनकी चिंता करता है। यह आत्मीयता का भाव वृद्धजनों के चेहरों पर खुशी लेकर आया। विभाग द्वारा वृद्धजनों को शाल-श्रीफल तथा महिलाओं को साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान बुजुर्गों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास था।

