मुख्य अतिथि ने दिलाई नशामुक्त समाज की शपथ
इस समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र मेवाड़ा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहायक संचालक आकाश गोयल, रोजगार अधिकारी कमलेश पटेल और वसुंधरा वेलफेयर के अध्यक्ष अर्जुन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, संस्था प्रतिनिधि, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। नशा मुक्ति सप्ताह के दौरान पूरे जिले में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम, नशा मुक्ति संदेशों पर आधारित रैलियां, प्रश्न मंच, स्लोगन प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, ग्राम और वार्ड स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाए गए, जिनमें लोगों को नशे के गंभीर खतरों से अवगत कराया गया। ए-प्लेद्गे के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोगों ने नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली, जिससे इस अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित हुई। समापन कार्यक्रम में नशे से होने वाली सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी हानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की और उन्हें अपने परिवार तथा समाज के अन्य सदस्यों को भी नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। यह जानकारी नशे के व्यापक प्रभाव को उजागर करने और लोगों को इसके प्रति सचेत करने के उद्देश्य से दी गई थी। कार्यक्रम के दौरान, जिन प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था, उन्हें सम्मानित किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह सम्मान न केवल प्रतिभागियों के प्रयासों को मान्यता देने के लिए था, बल्कि अन्य लोगों को भी ऐसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का एक माध्यम भी था। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर एक नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे इस जन जागरूकता अभियान को निरंतर जारी रखने का संदेश दिया।

