जनसुनवाई में 61 आवेदकों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में राजस्व विभाग के मैदानी अमले को सख्त निर्देश दिए कि भूमि का सीमांकन करने के बाद सीमा चिन्ह हटाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने ग्राम आक्या तहसील बड़ौद निवासी गोकुल बागरी के आवेदन पर सुनवाई करते हुए नायब तहसीलदार झोंटा को आदेश दिया कि आवेदक की समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें दोबारा जनसुनवाई में न आना पड़े। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ बीएस सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर मिलिंद ढ़ोके सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में कुल 61 आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं। ग्राम पचेटी की राजूबाई और नलखेड़ा के कन्हैयालाल ने भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई। गुदरावन की सोनीबाई ने भूमि पर बाउंड्रीवॉल निर्माण में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मोड़ी के राहुल पिता रामलाल ने अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का अनुरोध किया। कांकर के रमेश पिता हिराजी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की अपील की। बड़गोन के आत्माराम पिता गोपाजी ने भू-अधिकार पट्टा प्रदान करने, मनोहर पिता रतनलाल ने अतिथि शिक्षक समस्या का समाधान करने, भंडावद के गिरधारी ने खाई खोदकर बंद किए गए रास्ते को खुलवाने, नलखेड़ा के पवन भिलाला ने भूमि का सीमांकन करवाने, अरनियां के शंकरलाल ने रजिस्ट्री पर स्थायी रोक लगाने, गुराडिया के मनोहर पिता कन्हैयालाल ने फसल बीमा क्लेम राशि दिलवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए।
जनसुनवाई में 61 आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं, कलेक्टर ने राजस्व विभाग के मैदानी अमले को दिए कड़े निर्देश
यह जनसुनवाई जिले में आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। विभिन्न ग्रामों से आए आवेदकों ने अपनी जमीनों पर कब्जे, निर्माण में बाधा, शासकीय योजनाओं का लाभ, अनुकंपा नियुक्ति, बंद रास्तों को खुलवाने और फसल बीमा राशि जैसे मुद्दों को उठाया। इन सभी मामलों पर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर भूमि का सीमांकन करने के बावजूद सीमा चिन्हों को हटाना एक गंभीर मामला है। कलेक्टर डॉ. मीना ने इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त न करने की हिदायत दी और कहा कि ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो आदेशों का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि एक बार समस्या का समाधान हो जाए तो उसे दोबारा उत्पन्न न होने दें।

