भोपाल में गुरुवार को थोक दाल-चावल व्यापारी यूपीआई पर प्रस्तावित एमडीआर चार्ज के खिलाफ 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे, 2 हजार रुपए से ज्यादा के ऑनलाइन भुगतान नहीं लेंगे
भोपाल में गुरुवार को व्यापारी एक बार फिर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) चार्ज के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। इस दिन थोक दाल-चावल व्यापारी 2 हजार रुपए से अधिक के किसी भी यूपीआई भुगतान को स्वीकार नहीं करेंगे। व्यापारियों का कहना है कि इस नए चार्ज से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, खासकर थोक कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि 15 अक्टूबर से यह नया चार्ज लागू होने वाला है, जिसके तहत 2 हजार रुपए से अधिक के व्यक्तिगत यूपीआई भुगतान पर 0.4% एमडीआर प्रस्तावित है। चावल-दाल व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश रामरख्यानी और सचिव सचिन संगतानी ने बताया कि व्यापारी हमेशा से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में सहयोग करते आए हैं। यूपीआई आज व्यापार और आम जनता के लिए भुगतान का सबसे सरल, तेज और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पर एमडीआर चार्ज लगाने से व्यापारियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 75 हजार रुपए या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए तक हो सकता है। व्यापारियों का अनुमान है कि 2 हजार रुपए से अधिक के लेन-देन होने पर भी एक दिन में 3 हजार रुपए तक का चार्ज बन सकता है। यह स्थिति विशेष रूप से थोक कारोबारियों के लिए चिंताजनक है, जो बड़ी मात्रा में लेनदेन करते हैं। इस प्रस्तावित चार्ज के विरोध में, व्यापारियों ने 8 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' मनाने का फैसला किया है, ताकि सरकार तक अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाई जा सके। इस 'नो यूपीआई डे' के तहत, बाजार के सभी व्यापारियों से अपील की गई है कि वे यूपीआई भुगतान स्वीकार न करें और इस सांकेतिक विरोध में सहभागी बनें। यह कदम व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का एक प्रयास है। पिछले दिनों भी भोपाल में इस मुद्दे पर व्यापारियों ने अपना विरोध दर्ज कराया था।

