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उज्जैन। थैलेसीमिया के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में एक नई धला पंप मशीन की सुविधा शुरू हो गई है। यह मशीन शरीर में अतिरिक्त आयरन को कम करने में मदद करती है, जो थैलेसीमिया के मरीजों को बार-बार रक्त चढ़ाने के कारण जमा हो जाता है। यह आयरन धीरे-धीरे हृदय, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इस नई सुविधा से गंभीर मरीजों को आयरन चेलेशन थेरेपी के लिए अब मेडिकल कॉलेज या दूसरे शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह महत्वपूर्ण मशीन चरक भवन की आईसीएचएच यूनिट में स्थापित की गई है। इस मशीन को सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत अविनाश बुंदिवाल ने दान किया है। मशीन चेन्नई की वी-टाइटन कंपनी से प्राप्त की गई है। मशीन का शुभारंभ सिविल सर्जन एवं अस्पताल अधीक्षक संगीता पलसानिया ने किया। उन्होंने इस सुविधा की शुरुआत को थैलेसीमिया मरीजों के लिए एक बड़ी राहत बताया। थैलेसीमिया के अलावा, हीमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी इससे लाभ मिलेगा। वर्तमान में चरक भवन की आईसीएचएच यूनिट में 208 थैलेसीमिया, 57 हीमोफीलिया और 7 सिकल सेल एनीमिया के मरीज पंजीकृत हैं। अतिरिक्त आयरन को शरीर से निकालने के लिए चेलेशन थेरेपी की आवश्यकता होती है। यह मशीन इसी थेरेपी को सुगम बनाएगी। इस मशीन के लगने से मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा, जिससे उनके अंगों को होने वाले नुकसान को रोका जा सकेगा।
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