सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा की अध्यक्षता में मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सात जिलों में नए वरिष्ठजन आश्रम और तीन जिलों में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई। मंत्री कुशवाहा ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों (डीडीआरसी) को मजबूत बनाने और उनके सुचारू संचालन के लिए राज्य स्तर से नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि दिव्यांगजनों को पुनर्वास सेवाओं का लाभ सरलता से मिले, यह विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्रों के संचालन में आने वाली कठिनाइयों को दूर कर उनकी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई गई। मंत्री कुशवाहा ने डीडीआरसी में खाली पदों को भरने के लिए तत्काल कार्रवाई करने और जिलों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए। प्रदेश के 51 जिलों में फिलहाल जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र कार्यरत हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 38 और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 37 केंद्रों की स्थापना के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जा चुके हैं। इन केंद्रों के मानव संसाधन, कार्यों और गतिविधियों की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे सभी संस्थानों में सतत् निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकेंगे। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण केजी तिवारी ने बताया कि प्रदेश में संचालित 89 वृद्धाश्रमों में वर्तमान में 2,423 वरिष्ठजन निवासरत हैं। केंद्रीय अनुदान के तहत 22 जिलों में 31 नशामुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, देवास, शिवपुरी और श्योपुर जिलों में नए नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना के लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से अब तक 12,523 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है, जिस पर 68.87 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं।
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दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को मजबूत बनाने के साथ नए आश्रम व नशा मुक्ति केंद्र बनेंगे
28 अक्टूबर 2026 को 10:17 pm बजे
दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को मजबूत बनाने के साथ नए आश्रम व नशा मुक्ति केंद्र बनेंगे
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