उज्जैन में फ्लाईओवर निर्माण में फलादिया मस्जिद का हिस्सा बाधक, निगम ने प्रबंधन को बुलाया
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत शहर में एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस निर्माण के रास्ते में फलादिया मस्जिद की जमीन और भवन का एक हिस्सा बाधा बन रहा है। नगर निगम ने मस्जिद प्रबंधन को इस संबंध में एक सूचना पत्र जारी किया है। निगम ने मस्जिद प्रबंधन से जमीन और भवन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। नोटिस में प्रभावित हिस्से का क्षेत्रफल 224 वर्ग मीटर बताया गया है, जो निर्माण कार्य को प्रभावित कर रहा है। नगर निगम द्वारा जारी किए गए नोटिस के अनुसार, चिमनगंज मंडी और इंदिरा नगर चौराहे से इंदौर गेट तक 4-लेन का एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, निकास चौराहे से इंदौर गेट तक 2-लेन का फ्लाईओवर भी निर्मित होगा। इस निर्माण के निर्धारित मार्ग में मस्जिद की जमीन या उसके भवन का कुछ हिस्सा आ रहा है। नोटिस में 16 मीटर चौड़ाई और 14 मीटर गहराई के हिसाब से कुल 224 वर्ग मीटर क्षेत्र के प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है। नगर निगम ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करते हुए दस्तावेजों के साथ सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। फलादिया मस्जिद की जमीन और भवन के संबंध में यह नोटिस उज्जैन नगर निगम द्वारा जारी किया गया है। मस्जिद के कोषाध्यक्ष मोहम्मद याहया ने दावा किया है कि मस्जिद लगभग 100 साल पुरानी है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम ने जो दस्तावेज मांगे हैं, वे प्रबंधन की ओर से जल्द ही प्रस्तुत किए जाएंगे। मोहम्मद ऐजाज के अनुसार, मस्जिद परिसर में लगभग छह दुकानें भी स्थित हैं। ये दुकानें 60 से 70 साल पुरानी बताई जा रही हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि ये दुकानें हटाई जाती हैं, तो इनसे जुड़े परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। इन दुकानों के प्रभावित होने से कई परिवारों की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है।
