नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनाने और भीड़ प्रबंधन के लिए कुंभ मेला प्राधिकरण तथा नासिक महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण ‘रामकल पथ’ परियोजना शुरू की है। परियोजना पर काम फिलहाल जारी है। कुंभ मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और शहर की तैरती आबादी को ध्यान में रखते हुए रामकल पथ बनाने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को गोदावरी किनारे भगवान राम के प्रवास से जुड़े स्थान आसानी से दिखाना है। यह लगभग 1.36 किलोमीटर लंबा आध्यात्मिक और विरासत मार्ग है। पंचवटी क्षेत्र में यह सीता गुफा, कालाराम मंदिर, गोदा घाट और राम कुंड जैसे ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने वाला मुख्य गलियारा है। इससे कुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु क्षेत्र के धार्मिक स्थलों पर आसानी से जा सकेंगे और भीड़ का उचित नियंत्रण भी संभव होगा। कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में रामकल पथ परियोजना का काम तेज कर दिया गया है। नासिक महानगरपालिका द्वारा लागू की जा रही इस परियोजना में विरासत संरक्षण के साथ 2027 के सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। परियोजना के केंद्र में विरासत संरक्षण और विकास हैं। राम कुंड क्षेत्र की मूल शहरी संरचना को सुरक्षित रखते हुए योजना बनाई गई है। दैनिक श्रद्धालुओं और कुंभ मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखकर रामकल पथ पर अलग-अलग अवधारणाओं के आधार पर काम चल रहा है। इसमें पैदल यात्रियों की सुविधाओं, सार्वजनिक स्थानों और आवश्यक सुविधाओं के बीच संतुलन रखा जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार की ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता’ योजना के तहत धन प्राप्त हुआ है। परियोजना में राम कुंड, कालाराम मंदिर और सीता गुफा जैसे प्रमुख तीर्थस्थल शामिल हैं। इस परियोजना की एक विशेषता यह है कि राम कुंड क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मंदिर क्षेत्र की इमारतों का मूल स्थापत्य शैली के अनुरूप सामग्रियों और तकनीकों से जीर्णोद्धार किया जा रहा है। अलंकरण, स्थापत्य शैली की सादगी, अनुपात और स्थानीय सामग्रियों के उपयोग के आधार पर डिजाइन तैयार किया गया है। संरचनाओं का विकास कालाराम मंदिर क्षेत्र की स्थापत्य शैली के अनुरूप किया जा रहा है। रामकल पथ के दोनों ओर की दीवारों पर रामायण के कुछ दृश्य चित्रित किए जा रहे हैं। इसके लिए आकर्षक रंग योजना अपनाई गई है। परियोजना के तहत घाटों के सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न काम जारी हैं। दूसरी ओर, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और स्थानीय आजीविका को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र विक्रय क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। ये क्षेत्र रामकल पथ योजना का अभिन्न हिस्सा हैं।
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सिंहस्थ कुंभ से पहले नासिक का ‘रामकल पथ’ रामायण दृश्यों से सजेगा
30 अक्टूबर 2026 को 11:24 pm बजे

सिंहस्थ कुंभ से पहले नासिक का ‘रामकल पथ’ रामायण दृश्यों से सजेगा
