भोपाल में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनबीडीए) में पिछले चार साल से अनुकंपा नियुक्ति के मामले अटके हुए हैं। मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 से प्राधिकरण में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण बंद है। कर्मचारी मंच का दावा है कि पिछले चार वर्षों में करीब 175 अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण मंत्रालय, वल्लभ भवन में स्वीकृति के लिए लंबित हैं। कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि पहले एनबीडीए के शासकीय कर्मचारियों के आश्रितों को जल संसाधन विभाग के सेवा नियमों के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाती थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2022 में मंत्रालय, वल्लभ भवन स्थित नर्मदा घाटी विकास विभाग से जारी एक पत्र के बाद अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण पर रोक लग गई। इस रोक के बाद अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को कलेक्टर कार्यालय अथवा शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है, लेकिन आश्रितों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। संगठन के अनुसार, एनबीडीए में इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। कर्मचारी मंच का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने और पात्र आश्रितों को नियुक्ति देने की घोषणा की है। मंच ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि एनबीडीए में लंबित सभी अनुकंपा नियुक्ति प्रकरणों की समीक्षा कर उनका समयबद्ध निराकरण कराया जाए और पात्र मृत शासकीय कर्मचारियों के आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की जाए। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लंबित प्रकरणों का जल्द निराकरण कर मृत शासकीय कर्मचारियों के आश्रितों को नियुक्ति देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित प्रकरणों का निराकरण कर नियुक्तियां नहीं दी गईं तो मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच आंदोलन करेगा।
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कर्मचारी मंच का आरोप: एनबीडीए में चार साल से लंबित हैं अनुकंपा नियुक्ति के मामले
8 अक्टूबर 2026 को 10:42 pm बजे
