भोपाल में स्ट्रीट लाइट के खंभों में करंट उतरने से हो रही मौतों के बाद नगर निगम की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। नईदुनिया की पड़ताल में शहर के स्ट्रीट लाइट पोल की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आई हैं। पड़ताल के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 132 खंभों की जांच की गई, जिनमें से 59 खंभों के सर्किट वाला हिस्सा खुला हुआ पाया गया। यह स्थिति तब है जब युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतरने से मौत हो चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि जांचे गए किसी भी खंभे में अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर (ईएलसीबी) नहीं लगा था। ईएलसीबी वह सुरक्षा उपकरण है जो केबल के तार खंभे में टच होने से फैलने वाले खतरनाक करंट को रोकने का काम करता है। इसके अभाव में, बिजली का करंट आसानी से खंभे के धातुई हिस्से में फैल जाता है, जिससे किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट या मौत का खतरा बना रहता है। नईदुनिया ने भोपाल के वीआईपी रोड से लेकर राजभवन तक कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट के खंभों की पड़ताल की। इस दौरान पाया गया कि कई खंभों के कवर ठीक से बंद नहीं थे और अंदर के बिजली के तार खुले हुए थे। बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी बिजली का सुचालक होता है और करंट के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव और सुरक्षा के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है। खंभों में सुरक्षा उपकरणों की कमी और खुले तारों का होना यह दर्शाता है कि रखरखाव का काम ठीक से नहीं हो रहा है। यह लापरवाही न केवल आम नागरिकों के लिए, बल्कि बिजली कर्मचारियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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भोपाल के स्ट्रीट लाइट पोल में सुरक्षा में बड़ी खामी
8 अक्टूबर 2026 को 10:42 pm बजे

भोपाल के स्ट्रीट लाइट पोल में सुरक्षा में बड़ी खामी
