लड़कियां लड़कों से आगे, हॉकी का ओलंपिक टिकट पक्का
एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिछले वर्षों की तुलना में मिला-जुला रहा। इस बार लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ज्यादा गोल्ड मेडल जीते, जो 2002 के बाद पहली बार हुआ है। भारत ने कुल 21 गोल्ड सहित 85 मेडल जीते, लेकिन पिछले संस्करण की तुलना में 7 गोल्ड और 21 मेडल की कमी देखी गई। हालांकि, बॉक्सिंग और रेसलिंग जैसे खेलों में सुधार ने गोल्ड की कमी को कुछ हद तक पूरा किया। टीम इवेंट्स में भारत का दबदबा कायम रहा, खासकर हॉकी में। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीतकर सीधे लॉस एंजिल्स में होने वाले 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। यह पहला मौका है जब दोनों हॉकी टीमों ने एक ही इवेंट में स्वर्ण पदक जीता है। तीरंदाजी में भी भारतीय विमेंस कंपाउंड टीम ने चीन के खिलाफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए गोल्ड जीता, जबकि क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी में दोनों वर्गों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। शूटिंग और एथलेटिक्स में भारत का प्रदर्शन पिछले खेलों की तुलना में कमजोर रहा। जहां 2023 में भारत ने शूटिंग में 7 और एथलेटिक्स में 6 गोल्ड जीते थे, वहीं इस बार इन दोनों खेलों से केवल 3 और 1 गोल्ड ही आए। इस तरह, इन दो प्रमुख खेलों में भारत को 9 गोल्ड का नुकसान हुआ। मिश्रित स्पर्धाओं में 3 गोल्ड आए, जबकि पिछली बार भारत ने स्कॉश में 2 और टेनिस, बैडमिंटन व घुड़सवारी में 1-1 गोल्ड जीते थे। पदक तालिका में चीन अपनी बादशाहत कायम रखते हुए 169 गोल्ड सहित 341 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा। 1982 से अब तक चीन हर बार टेबल टॉपर रहा है। जापान 83 गोल्ड के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि भारत 21 गोल्ड के साथ चौथे स्थान पर रहा। उज्बेकिस्तान ने भी भारत के बराबर गोल्ड जीते, लेकिन सिल्वर मेडल की संख्या के आधार पर भारत चौथे पायदान पर रहा। इस एशियन गेम्स में कुल 53 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 76 एशियन रिकॉर्ड टूटे। भारतीय तीरंदाजी टीम ने भी वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करने में सफलता हासिल की। कुल मिलाकर 166 नए गेम्स रिकॉर्ड भी बने, जो इन खेलों के ऐतिहासिक प्रदर्शन को दर्शाते हैं। बॉक्सिंग और रेसलिंग में 3 और 2 गोल्ड मिले, जिससे इन खेलों में भारत का प्रदर्शन बेहतर हुआ। पिछली बार भारत को इन दोनों खेलों में एक भी गोल्ड नहीं मिला था। वहीं, लड़कियों ने लड़कों की तुलना में ज्यादा गोल्ड जीते। इस बार लड़कियों के इवेंट में 11 गोल्ड आए, जबकि लड़कों के इवेंट में 7 गोल्ड हासिल हुए। एशियाई खेलों में भारत का अभियान समाप्त हो चुका है, लेकिन हॉकी में गोल्ड के साथ ओलंपिक टिकट मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। टीम इवेंट्स में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा, लेकिन कुछ प्रमुख खेलों में गोल्ड की कमी भविष्य के लिए चिंता का विषय है। चीन की लगातार बादशाहत को चुनौती देना भारत के लिए अगला लक्ष्य होगा।

