भोपाल में दिवाली से पहले एक पटाखा फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान निर्धारित क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री का भंडारण पाया, साथ ही सुरक्षा संबंधी कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है
एसडीएम बैरसिया शिवांगी बघेल, एसडीओपी वैशाली सिंह, तहसीलदार दुर्गा पटले और थाना प्रभारी गुनगा रिंकू जाटव की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि फैक्ट्री परिसर में निर्धारित क्षमता से काफी अधिक विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था। इसके साथ ही, सुरक्षा और संचालन संबंधी कई अन्य गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं, जो विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के तहत स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आती हैं। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए टीम ने फैक्ट्री को सील कर दिया
भोपाल जिला प्रशासन ने रविवार को दिवाली से ठीक पहले एक पटाखा फैक्ट्री को सील कर दिया। यह कार्रवाई बैरसिया के ग्राम बांदीखेड़ी में स्थित फैक्ट्री में हुई। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि फैक्ट्री परिसर में निर्धारित क्षमता से काफी अधिक विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था। इसके अलावा, सुरक्षा और संचालन संबंधी कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विस्फोटक सामग्री के निर्माण, रख-रखाव एवं भंडारण में निर्धारित सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रावधानों का पालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही से जनसुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम बैरसिया शिवांगी बघेल, एसडीओपी वैशाली सिंह, तहसीलदार दुर्गा पटले और थाना प्रभारी गुनगा रिंकू जाटव की संयुक्त टीम ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को परिसर में विस्फोटक सामग्री के निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण के साथ ही सुरक्षा एवं संचालन से संबंधित अन्य गंभीर अनियमितताएं भी मिलीं। निरीक्षण में सामने आई ये अनियमितताएं विस्फोटक अधिनियम, 1884 एवं विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधानों के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में पाई गईं। जिला प्रशासन के अनुसार, नियमों के उल्लंघन को अत्यंत गंभीरता से लिया गया। विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन न करना एक गंभीर अपराध है। यह प्रावधान सुनिश्चित करते हैं कि विस्फोटक सामग्री का निर्माण, भंडारण और परिवहन सुरक्षित तरीके से हो, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा बनी रहे। इन नियमों का उल्लंघन सीधे तौर पर जनसुरक्षा को खतरे में डालता है, जैसा कि इस फैक्ट्री के मामले में पाया गया। संयुक्त टीम ने मौके पर ही फैक्ट्री को सीलबंद करने की कार्रवाई की। विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर यह तत्काल कदम उठाया गया। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

