सीहोर जिले की बिजौरी तहसील में पदस्थ पटवारी सुरभि राठौर ने हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद कर्तव्य के प्रति अपने अटूट समर्पण का परिचय दिया है। प्लास्टर चढ़े हाथ के साथ भी वे स्वामित्व अधिकार योजना के तहत दस्तावेजों के पंजीयन का कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी से कर रही हैं। उनकी यह प्रतिबद्धता उन्हें जिले के अन्य 10 पटवारियों के लिए प्रेरणास्रोत बनाती है। शारीरिक कठिनाइयों को दरकिनार करते हुए सुरभि राठौर ने अपने दायित्वों के प्रति समर्पण में कोई कमी नहीं आने दी है। इसी लगन और कार्य के प्रति निष्ठा के बल पर वे स्वामित्व योजना के तहत दस्तावेजों के पंजीयन में जिले के शीर्ष पटवारियों में शुमार हैं। यह दर्शाता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और कर्तव्यनिष्ठा के सामने कठिन परिस्थितियां भी बाधा नहीं बन सकतीं। सुरभि राठौर का कार्य उन सभी पटवारियों के लिए प्रेरणादायक है, जो आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ-साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। उनका समर्पण यह संदेश देता है कि शासकीय सेवा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प भी है। स्वामित्व अधिकार योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्तियों के वैधानिक अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के अंतर्गत दस्तावेजों के पंजीयन से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर अधिकार का स्पष्ट प्रमाण मिलता है। यह प्रमाण भविष्य में संपत्ति संबंधी विवादों को सुलझाने में सहायक होता है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर बैंक से ऋण जैसी वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने में भी ग्रामीणों को मदद मिलती है। इस प्रकार, योजना ग्रामीणों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस महत्वपूर्ण कार्य को समय पर पूरा करना ग्रामीणों के हितों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। पटवारी सुरभि राठौर इसी जनहित के महत्व को भलीभांति समझती हैं और इसीलिए विपरीत परिस्थितियों में भी पंजीयन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। उनका कार्य इस बात का प्रमाण है कि समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा ने इस संबंध में बताया कि स्वामित्व योजना के तहत दस्तावेजों के पंजीयन का कार्य सरकार की सर्वाधिक प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी पटवारियों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे लक्ष्य के अनुरूप समय पर पंजीयन का कार्य पूरा करें। एसडीएम वर्मा ने कहा कि इस योजना का सफल क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति अधिकारों को सुरक्षित करने और संबंधित विवादों को कम करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पटवारियों से अपेक्षा की कि वे आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरी तत्परता से कार्य करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर ऐसे सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिनका सीधा संबंध आम नागरिकों के जीवन में सुधार लाने से है। स्वामित्व योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुरभि राठौर जैसे समर्पित कर्मचारियों के प्रयासों से ही सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाता है। उनका कार्य न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि सही नेतृत्व और प्रेरणा से कर्मचारी कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। जिले के अन्य पटवारियों को भी सुरभि राठौर के समर्पण से सीख लेने की आवश्यकता है, ताकि स्वामित्व योजना के तहत पंजीयन का कार्य तेजी से पूरा हो सके और ग्रामीण अपनी संपत्ति के अधिकारों को सुरक्षित कर सकें। यह कार्य उनकी वित्तीय सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का सामूहिक उत्तरदायित्व है कि इस महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन निर्बाध रूप से जारी रहे और ग्रामीणों को इसका अधिकतम लाभ मिले। सुरभि राठौर की कहानी इस सामूहिक प्रयास में एक प्रेरणादायक अध्याय जोड़ती है।
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हाथ में प्लास्टर, फिर भी पंजीयन कार्य में जुटीं पटवारी सुरभि राठौर, बनीं मिसाल
28 अक्टूबर 2026 को 10:18 pm बजे
हाथ में प्लास्टर, फिर भी पंजीयन कार्य में जुटीं पटवारी सुरभि राठौर, बनीं मिसाल
