पांच मेडिकल कॉलेजों में कैंसर उपचार सुविधाओं की समीक्षा की गई
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों में अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के प्रस्तावों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। इसके लिए पद सृजन से संबंधित प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लंबित प्रस्तावों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने और प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों में अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक एवं तकनीकी विषयों के निराकरण में संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों में जहां भी अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता हो, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शुक्ल ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेजों में पेट स्कैन, कैंसर की जांच एवं उपचार से संबंधित सुविधाओं के विकास की भी समीक्षा की। उन्होंने इन संस्थानों में ऑन्कोसर्जरी तथा मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभागों की स्वीकृति से संबंधित कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि कैंसर रोगियों को जांच एवं उपचार की समग्र सुविधाएं मेडिकल कॉलेज स्तर पर उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आधुनिक जांच एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पेट स्कैन, लिनैक सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के साथ विशेषज्ञ विभागों की उपलब्धता सुनिश्चित करने से मरीजों को बेहतर उपचार सेवाएं प्राप्त होंगी और उन्हें उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने 27 जिला चिकित्सालयों में आवश्यकतानुसार नवीन पदों के सृजन से संबंधित कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जाएं। उन्होंने विभाग की स्थापना से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि ग्वालियर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी जटिल सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकें। शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग की स्थापना से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेजों में लगभग 3 हजार नवीन नर्सिंग पदों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा, उपचार एवं विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के अनुरूप आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। प्रस्ताव समय पर तैयार कर आवश्यक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए जाएं। शुक्ल ने प्रदेश में पैरामेडिकल कॉलेजों की मान्यता से संबंधित कार्यवाही की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मान्यता संबंधी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मान्यता प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता से परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जाए। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्यों में अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

