उज्जैन शहर और आसपास के इलाकों में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोडिंग वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सामान की जगह बच्चों, महिलाओं और मजदूरों को बिठाकर सड़कों पर फर्राटे भरे जा रहे हैं। इन असुरक्षित वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा और बैठने की कोई उचित व्यवस्था नहीं होती, फिर भी ये बेखौफ दौड़ते रहते हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन परिवहन विभाग और आरटीओ की ओर से इस गंभीर समस्या पर कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। इन वाहनों का इस्तेमाल यात्रियों के परिवहन के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित है, फिर भी नियमों का उल्लंघन जारी है। सरकारी नियमों के अनुसार, लोडिंग वाहनों का उपयोग केवल माल ढुलाई के लिए किया जाना चाहिए। यात्रियों को ले जाने के लिए इन वाहनों का इस्तेमाल करना गैरकानूनी है और यह यात्रियों की जान जोखिम में डालता है। शहर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां इन वाहनों से गिरने के कारण लोगों को चोटें आई हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता बनी हुई है। यह स्थिति आम जनता के लिए चिंता का विषय है।
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उज्जैन में असुरक्षित वाहनों में मौत का सफर
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे

उज्जैन में असुरक्षित वाहनों में मौत का सफर
