दमोह में पितृपक्ष के पावन अवसर पर शिव साईं सेवा भाव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का बुधवार को हवन-पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ
दमोह में पितृपक्ष के पावन अवसर पर शिव साईं सेवा भाव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का समापन बुधवार को विधि-विधान से हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ हुआ। बेलाताल टापू स्थित शिव साईं धाम में हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। उन्होंने भगवान से परिवार, समाज की सुख-समृद्धि और पितरों की शांति के लिए प्रार्थना की। कथा के अंतिम दिन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक हवन-पूजन का कार्यक्रम चला। कथा व्यास बुंदेलखंड के प्रसिद्ध संत पंडित कमलेश्वरानंद जी महाराज के सान्निध्य में हुई इस कथा में बड़ी संख्या में भक्तों ने पहुंचकर श्रीमद्भागवत का श्रवण किया। पंडित कमलेश्वरानंद जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के संदेश को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति, सत्संग और धर्म के मार्ग पर चलने से मनुष्य का जीवन सार्थक होता है। उन्होंने पितृपक्ष में ऐसे धार्मिक आयोजन और सेवा कार्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। शिव साईं सेवा भाव परिवार ने प्रतिवर्षानुसार इस बार भी पितरों के निमित्त इस कथा का आयोजन किया था। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन किया। इस अवसर पर सभी ने अपने पितरों को स्मरण किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की। यह आयोजन दमोह के बेलाताल टापू पर स्थित शिव साईं सेवा भाव परिवार द्वारा किया गया था। कथा के समापन के पश्चात दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया और इसे अत्यंत श्रद्धापूर्वक संपन्न किया। भंडारे में सभी ने मिलकर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व का था, बल्कि इसने समुदाय को एक साथ लाने का भी काम किया। भक्तों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पितरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का यह अवसर सभी के लिए विशेष रहा। शिव साईं सेवा भाव परिवार ने इस परंपरा को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने मिलकर हवन-पूजन और भंडारे में भाग लिया। कथा के दौरान पंडित कमलेश्वरानंद जी महाराज के प्रवचनों ने भक्तों को प्रेरित किया। उन्होंने जीवन जीने की कला और भक्ति के महत्व को समझाया। शिव साईं सेवा भाव परिवार द्वारा आयोजित इस वार्षिक धार्मिक अनुष्ठान ने पितृपक्ष की गरिमा को और बढ़ाया। भक्तों ने इसे एक सफल आयोजन बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा जताई। इस कथा और भंडारे से वातावरण भक्तिमय हो गया था, जिसने सभी को शांति और सुकून प्रदान किया।

