सीहोर में जिला स्तरीय सेवोत्तम प्रशिक्षण आयोजित, CM हेल्पलाइन प्रभारियों ने लिया भाग, नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर जोर दिया गया
भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग तथा आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के मार्गदर्शन में, कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सीहोर के निर्देशानुसार सीहोर जिले के ई-दक्ष केंद्र, कार्यालय कलेक्टर में जिला स्तरीय सेवोत्तम प्रशिक्षण का आयोजन बुधवार को किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के लगभग 30 विभागों के CM हेल्पलाइन प्रभारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी, जवाबदेह, प्रभावी एवं समयबद्ध बनाना है। सेवोत्तम का मूल सिद्धांत यह है कि केवल शिकायत का निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिक की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना सुशासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रशिक्षण के दौरान सेवोत्तम के विभिन्न पहलुओं को व्यावहारिक उदाहरणों, केस स्टडी, प्रश्नोत्तर एवं सहभागिता आधारित गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया। अधिकारियों को शिकायतों के पंजीयन, समयबद्ध निराकरण, प्रकरणों की मॉनिटरिंग तथा नागरिकों को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इस दौरान यह भी बताया गया कि किसी शिकायत का केवल निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिक की समस्या का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रशिक्षण का संचालन सेवोत्तम मास्टर ट्रेनर बबिन मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने अधिकारियों को CM हेल्पलाइन, सीपीग्राम्स पोर्टल, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा मध्य प्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शासकीय प्रक्रियाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवा अनुभव उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं एवं शिकायतों का प्रभावी ढंग से निराकरण सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि सेवोत्तम क्या है और इसकी आवश्यकता क्यों है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के महत्व पर भी चर्चा की गई। इस दौरान विभागीय स्तर पर आने वाली वास्तविक समस्याओं एवं शिकायतों पर चर्चा करते हुए नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को और बेहतर बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ CM हेल्पलाइन, सीपीग्राम्स एवं लोक सेवा गारंटी व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ करना रहा। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि किसी भी शिकायत का केवल निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिक की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना सुशासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

