यह प्रदर्शनी 7 अक्टूबर तक चलेगी और इसमें सजीव नाट्य मंचन का प्रमुख आकर्षण है
भोपाल में भारतीय न्याय व्यवस्था के बदलते स्वरूप को करीब से जानने का अवसर नागरिकों को मिल रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 03 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान पर नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण सजीव नाट्य मंचन है, जो न्याय प्रक्रिया के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं को सरल और रोचक तरीके से समझा रहा है। स्थानीय रंगकर्मियों के साथ पुलिस अधिकारी, और अभियोजन अधिकारी मिलकर अपराध की सूचना मिलने से लेकर न्यायालय के अंतिम निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह प्रदर्शनी 7 अक्टूबर तक आमजन के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में 14 विशेष ज़ोन बनाए गए हैं, जहां न्याय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं का सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है। इन ज़ोन्स में अपराध की सूचना मिलने से लेकर विवेचना, फॉरेंसिक जाँच, अभियोजन, न्यायालयीन कार्यवाही और अंतिम न्याय तक की संपूर्ण प्रक्रिया को 14 अलग-अलग मॉडलों, डिजिटल तकनीकों, वीडियो, चार्ट और लाइव प्रदर्शनों के माध्यम से समझाया गया है। विशेष रूप से सजीव नाट्य मंचन के माध्यम से नागरिकों को यह समझने में मदद मिल रही है कि किसी अपराध की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों की क्या भूमिका होती है। यह आयोजन नवीन न्याय संहिताओं, आधुनिक पुलिसिंग, वैज्ञानिक अनुसंधान, डिजिटल तकनीक तथा न्याय प्रक्रिया की जानकारी सहज एवं व्यावहारिक रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। सजीव नाट्य मंचन प्रतिदिन चार निर्धारित समयों पर आयोजित किया जा रहा है: सुबह 11:30 बजे, दोपहर 1:00 बजे, दोपहर 3:30 बजे और शाम 5:00 बजे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि किसी अपराध के घटित होने से लेकर न्यायालय के अंतिम निर्णय तक विभिन्न विभाग और विशेषज्ञ किस प्रकार समन्वय के साथ कार्य करते हैं। प्रदर्शनी में क्राइम सीन एवं फॉरेंसिक जाँच का भी 3द मॉडल के माध्यम से सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें घटनास्थल की वैज्ञानिक जाँच, साक्ष्य संकलन तथा आवश्यक वीडियो रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया को दर्शाया गया है। यह प्रदर्शनी न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि न्याय प्रणाली में आम नागरिक की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करती है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति अधिक सजग हो सकें।

