राष्ट्रपति ट्रंप 3 नवंबर के चुनावों को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि मध्य पूर्व में एक नए युद्ध और गिरती जनसमर्थन रेटिंग ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं
अंततः, चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, यह स्पष्ट है कि अमेरिकी राजनीति इस समय कई जटिलताओं से घिरी हुई है।
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का समय नज़दीक आ रहा है, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बार चिंतित दिख रहे हैं। 3 नवंबर में होने वाले मतदान से पहले, ट्रंप का ध्यान केवल घरेलू राजनीति पर केंद्रित नहीं है, बल्कि मध्य पूर्व में एक नए 'हमेशा युद्ध' (फ़ोरेवेर वर) ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यह युद्ध न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की प्रतिबद्धताओं को जटिल बना रहा है, बल्कि घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे आम अमेरिकी की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। ट्रंप की चिंता का एक बड़ा कारण यह भी है कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए पार्टी को मध्यावधि चुनावों में अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है। 1950 के दशक के बाद से, राष्ट्रपति की पार्टी ने औसतन 25 से अधिक हाउस सीटें गंवाई हैं, और जब राष्ट्रपति की स्वीकृति रेटिंग 50 प्रतिशत से नीचे होती है, तो यह नुकसान और भी बढ़ जाता है। ट्रंप की वर्तमान स्वीकृति रेटिंग भी 38 प्रतिशत के निम्नतम स्तर पर है, जो उनके लिए एक चिंताजनक संकेत है। इस बार के चुनाव में वोट-बाय-मेल (डाक द्वारा मतदान) का मुद्दा भी गरमाया हुआ है, जिस पर ट्रंप ने कड़ी आपत्ति जताई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के इन प्रयासों को विफल कर दिया है, जिससे डाक मतपत्रों पर प्रतिबंध लगाने की उनकी कोशिशें नाकाम हो गईं। यह निर्णय उन लाखों अमेरिकियों के लिए राहत की बात है जो इस सुविधा का उपयोग करते हैं। मध्य पूर्व में ईरान के साथ तनाव और वहां अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का बढ़ना, ट्रंप के लिए एक और सिरदर्द साबित हो रहा है। ईरान के साथ युद्ध की स्थिति ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ाई हैं, बल्कि घरेलू स्तर पर भी कीमतों में वृद्धि को प्रभावित किया है। तेल की बढ़ती कीमतें और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान ने आम आदमी के जीवन को और कठिन बना दिया है। ईरान में युद्ध का फैलाव अप्रत्याशित है, क्योंकि हौथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले फिर से शुरू कर दिए हैं, जिससे रिहायद को भी जवाबी कार्रवाई करनी पड़ रही है। इस जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य का सीधा असर अमेरिकी मतदाताओं पर पड़ रहा है, जो अर्थव्यवस्था और जीवन यापन की लागत जैसे मुद्दों पर केंद्रित हैं। ट्रंप द्वारा ईरान के लिए अतिरिक्त सैन्य बल, जिसमें एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और 10,000 सैनिक शामिल हैं, का भेजा जाना, चुनाव से ठीक पहले एक राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसी तरह, 2010 में बराक ओबामा ने 63 और 1994 में बिल क्लिंटन ने 54 सीटें खोई थीं।

