किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलें अपनाने की सलाह दी गई
पेयजल के लिए 33.37 एमCM पानी आरक्षित, पेटलावद और थांदला के लिए भी पानी का आवंटन, मार्च तक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश
जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में कलेक्टर योगेश तुकाराम भरसट ने जिले की सिंचाई योजनाओं और पेयजल की उपलब्धता पर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले की कुल 255 सिंचाई योजनाओं में 57.61 प्रतिशत उपयोगी जल भराव उपलब्ध है, जबकि पिछले वर्ष यह 100 प्रतिशत था। उपलब्ध जल की मात्रा को देखते हुए इस वर्ष रबी सीजन में 55 हजार 78 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 70 हजार 561 हेक्टेयर लक्ष्य से कम है। पानी की कमी के कारण किसानों को सिंचाई के लिए केवल दो पानी उपलब्ध कराए जा सकेंगे। बैठक में माही बांध और जिले की लघु सिंचाई योजनाओं से कुल 33.37 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमCM) पानी पेयजल के लिए आरक्षित किया गया। पेटलावद नगर के लिए चोरबोराली तालाब से 0.60 एमCM और थांदला नगर के लिए शिवसागर तालाब से 0.42 एमCM पानी पेयजल हेतु आरक्षित करने का निर्णय लिया गया। कलेक्टर भरसट ने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से पेयजल के लिए आवश्यक जल आरक्षण के संबंध में जानकारी प्राप्त की। झाबुआ नगर पालिका के पास वर्तमान में 2.88 एमCM पानी उपलब्ध है। कलेक्टर भरसट ने आगामी ग्रीष्म ऋतु के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु मार्च माह तक की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। यह कदम जल संसाधनों के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।

