पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की शराब मुक्ति की मांग को नशामुक्ति अभियान के अगले बड़े एजेंडे के तौर पर देखा जा रहा है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने की घोषणा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस अभियान में शराब मुक्ति को पहला कदम बनाने की पुरजोर मांग रखी है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का पहला चरण शराब मुक्ति होना चाहिए, क्योंकि शराब की लत लगने के बाद व्यक्ति दूसरी नशीली चीजों की ओर बढ़ता है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने की घोषणा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस अभियान में शराब मुक्ति को पहला कदम बनाने की पुरजोर मांग रखी है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का पहला चरण शराब मुक्ति होना चाहिए, क्योंकि शराब की लत लगने के बाद व्यक्ति दूसरी नशीली चीजों की ओर बढ़ता है। उमा भारती ने रविवार को सोशल मीडिया पर यह संदेश जारी करते हुए केंद्र सरकार, भाजपा और मध्य प्रदेश सरकार के प्रमुख नेताओं को टैग किया और नशामुक्ति के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनके मन की मुराद पूरी हुई है और उनके लंबे समय से चले आ रहे शराबबंदी अभियान को इस घोषणा से सफलता मिली है। उमा भारती ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऐलान का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनके अभियान को सफलता मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 31 दिसंबर 2029 के बाद प्रदेश में बच्चों के लिए नशे की कोई जगह नहीं होगी। शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने की बात कही थी। उन्होंने मध्य प्रदेश की माताओं से भी अपील की थी कि वे अपने बच्चों को नशे के प्रभाव से बचाने के लिए सतर्क रहें। यह मांग ऐसे समय में आई है जब अमित शाह ने 3 अक्टूबर को भोपाल में मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने का बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने 31 दिसंबर 2029 से पहले मध्य प्रदेश को नशीले पदार्थों से मुक्त करने का लक्ष्य रखा था। इस घोषणा के बाद सरकार ने 2023-24 की आबकारी नीति में शराब के अहाते बंद करने जैसे प्रावधान किए थे, जो शराब सेवन को हतोत्साहित करने वाले थे। उमा भारती पहले भी शराबबंदी के लिए मोर्चा खोल चुकी हैं।

