कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास जबेरा में 12 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में एक गरिमामय और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रावास की बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी कला, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत परिचय दिया। यह कार्यक्रम छात्रावास अधीक्षिका सुलेखा अवस्थी की गरिमामयी उपस्थिति और बहुमूल्य मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन कुमारी सरस्वती यादव ने अत्यंत प्रभावशाली और आकर्षक ढंग से किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख और महत्वपूर्ण चरण तब आया जब बालिका नंदिनी गौड़ ने नेतृत्व संभाला। उन्होंने छात्रावास की सभी बालिकाओं को बालिका अधिकारों की रक्षा, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा की रोकथाम और समाज में व्याप्त हर तरह के भेदभाव को समाप्त करने की शपथ दिलाई। इस शपथ को लेते हुए बालिकाओं ने दृढ़ संकल्प लिया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सदैव जागरूक रहेंगी और बाल विवाह जैसी हानिकारक सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए समाज में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। यह कदम बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। छात्राओं ने यह भी संकल्प लिया कि वे बेटियों और बालिकाओं के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए अपनी आवाज उठाएंगी। उन्होंने यह प्रण लिया कि प्रत्येक घर में बेटियों को जन्म से ही प्यार, सम्मान और समान अधिकार दिलाने के लिए वे समाज में जागरूकता फैलाएंगी। यह घोषणा बालिकाओं के बीच समानता और न्याय के महत्व को रेखांकित करती है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि किसी भी बालिका को उसके लिंग के आधार पर कमतर नहीं समझा जाएगा और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के समापन पर, सभी बालिकाओं ने देश के विकास में सक्रिय रूप से योगदान देने का दृढ़ निश्चय व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में सम्मानित, स्वावलंबी और सक्षम नागरिक बनने का संकल्प लिया। इस आयोजन ने बालिकाओं में आत्मविश्वास की भावना को सुदृढ़ किया, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की गहरी भावना को मजबूत किया। यह संदेश स्पष्ट था कि ये बालिकाएं कल की नेता हैं और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास जबेरा में आयोजित यह कार्यक्रम इसी उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उनके शब्द बालिकाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
इसने बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया, उन्हें बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया और देश के विकास में योगदान देने का संकल्प दिलाया।

