उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के चलते शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के बीच, ठगों ने लोगों को ठगने का नया तरीका ढूंढ निकाला है। ये ठग मस्जिद के नाम पर चंदा वसूल रहे हैं। सोशल मीडिया पर बारकोड शेयर किए जा रहे हैं और कुछ लोग घर-घर जाकर भी कैश ऐंठ रहे हैं। मस्जिद प्रबंधन ने इस ठगी के खिलाफ लोगों को सतर्क किया है और कहा है कि किसी भी सूरत में इन बारकोड या व्यक्तियों को पैसे न दें। यह पूरा मामला उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा है। सिंहस्थ के मद्देनजर कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को 12 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर किया जाना है। इसी रास्ते में आने वाले छत्री चौक की शाही मस्जिद का साढ़े 3 फीट हिस्सा इस चौड़ीकरण की जद में आ रहा है। नगर निगम ने अगस्त में ही इस संबंध में नोटिस जारी कर दिए थे और 1 सितंबर को अंतिम आदेश दिया गया था। हालांकि, मस्जिद प्रबंधन ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन वे खारिज हो गईं। इसके बाद 27 सितंबर की रात करीब 11 बजे बड़ी संख्या में पुलिस बल मस्जिद परिसर के आसपास तैनात किया गया। इसी दौरान, 28 सितंबर को सुबह बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के पास जुट गए और पथराव शुरू हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर हालात को नियंत्रित किया। इस उपद्रव में शामिल 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 34 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 24 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस पथराव और भड़काऊ संदेश प्रसारित करने के मामले की जांच पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक वायरल कंटेंट को ब्लॉक करवाया है। किसी भी आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर उसकी जमानत रद्द कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। दूसरे जिलों से भी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड मंगाए जा रहे हैं। उधर, मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई को भुनाने की कोशिश में कुछ ठगों ने लोगों से मस्जिद के पुनर्निर्माण के नाम पर चंदा मांगना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर ऐसे बारकोड जारी किए जा रहे हैं, जिन पर पैसे भेजने का संदेश दिया जा रहा है। कुछ लोग घर-घर जाकर भी कैश इकट्ठा कर रहे हैं। यह खबर जब मस्जिद कमेटी तक पहुंची तो उन्होंने तुरंत एक वीडियो जारी कर लोगों को इस ठगी से आगाह किया। मस्जिद कमेटी के सदर अब्दुल मन्नान ने स्पष्ट किया है कि ये बारकोड या संदेश कमेटी की ओर से जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी बारकोड पर पैसे न भेजें। यदि कोई व्यक्ति आर्थिक मदद करना चाहता है, तो पहले मस्जिद कमेटी या इमाम साहब से संपर्क कर पूरी जानकारी हासिल करे। कमेटी ने साफ किया है कि उन्होंने अभी तक किसी से एक रुपया भी नहीं मांगा है। अभी तक करीब 50 प्रतिशत हिस्सा ही हटाया जा सका है।
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उज्जैन में मस्जिद के नाम पर ठगी: ठगों ने बारकोड से शुरू की चंदा वसूली, कमेटी ने कहा- पैसा न दें
5 अक्टूबर 2026 को 12:05 am बजे

उज्जैन में मस्जिद के नाम पर ठगी: ठगों ने बारकोड से शुरू की चंदा वसूली, कमेटी ने कहा- पैसा न दें
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