भोपाल और इंदौर में नवरात्रि से पहले 'रेंट ए गरबा पार्टनर' का अनोखा ट्रेंड चर्चा में है, जिसमें पैसे लेकर गरबा खेलने के लिए पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है
मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर शहरों में नवरात्रि का त्योहार शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर 'रेंट ए गरबा पार्टनर' का एक अनोखा ट्रेंड चर्चा का विषय बन गया है। 'रेंट ए गरबा पार्टनर' के नाम से कई पोस्ट और स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं, जिनमें पैसे लेकर गरबा खेलने के लिए पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। इन पोस्ट्स में गरबा खेलने के अलावा दूसरी कई सुविधाओं का भी जिक्र है, जैसे कि पार्टनर के साथ डांस करना, गरबा सीखने में मदद लेना, कपल के तौर पर फोटो और सेल्फी खिंचवाना, और इंस्टाग्राम रील बनाना। कुछ पोस्ट्स में मैचिंग आउटफिट और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने जैसे ऑफर का भी दावा किया गया है। इन सोशल मीडिया पोस्ट्स में अलग-अलग समय और सुविधाओं के हिसाब से पैकेज की कीमतें बताई गई हैं। वायरल पोस्ट्स के मुताबिक, गरबा पार्टनर के लिए करीब 1000 रुपए से लेकर 6500 रुपए तक के अलग-अलग पैकेज बताए जा रहे हैं। कुछ पैकेज दो घंटे के लिए हैं, जबकि कुछ में पूरा दिन या लगातार तीन दिन तक साथ रहने का दावा किया गया है। इच्छुक लोग एक गूगल फॉर्म के जरिए अपनी जानकारी देकर पार्टनर की बुकिंग कर सकते हैं। यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर काफी तेजी से फैल रहा है और इसी वजह से इसे लेकर बहस भी शुरू हो गई है। कई लोग इसे त्योहारों के व्यावसायीकरण से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे मनोरंजन का एक नया तरीका मान रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उन पोस्ट्स की वजह से हो रही है, जिनमें गरबा खेलने के अलावा व्यक्तिगत नजदीकी से जुड़े संकेत या ऑफर वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह के दावों ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर भी जोर दिया है। हालांकि, वायरल पोस्ट्स में किए गए इन दावों की वास्तविकता और इन सेवाओं के पीछे कौन लोग या संस्थाएं हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बंसल न्यूज भी इन सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आ रही जानकारी को सावधानी से देखने की जरूरत है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का ट्रेंड सामने आया हो; 'रेंट ए पार्टनर' से जुड़े इसी तरह के पोस्ट पहले छत्तीसगढ़ में भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आए थे, और उस समय भी ऐसे पोस्ट को लेकर लोगों ने विरोध जताया था। भोपाल और इंदौर में इस बार नवरात्रि से पहले सामने आए 'रेन्त अ गर्ब पर्त्नेर' के पोस्ट ने एक बार फिर सोशल मीडिया ट्रेंड, त्योहारों के व्यावसायीकरण और ऑनलाइन विज्ञापनों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दर्शाती है कि कैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नए और कभी-कभी विवादास्पद तरीकों से लोगों को आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है। इस ट्रेंड के माध्यम से, गरबा खेलने के लिए पार्टनर ढूंढने की प्रक्रिया को एक सेवा के रूप में पेश किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न मूल्य निर्धारण मॉडल और पैकेज शामिल हैं। यह सेवा उन लोगों के लिए एक विकल्प के रूप में सामने आई है जिन्हें गरबा खेलने के लिए साथी की तलाश है, चाहे वह सिर्फ खेल के लिए हो या फिर सामाजिक मेलजोल के लिए। यह पूरा मामला ऑनलाइन विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ट्रेंड्स की प्रकृति पर प्रकाश डालता है। जहां एक ओर यह लोगों को नए अनुभव प्रदान कर सकता है, वहीं दूसरी ओर इसकी प्रामाणिकता और इसके पीछे छिपे इरादों पर सवाल उठाना भी आवश्यक हो जाता है।

