भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में सुनवाई हुई। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने गिरिबाला सिंह के जमानत आवेदन में संशोधन की दरख्वास्त स्वीकार कर ली है। आवेदन में संशोधन के बाद अब मामला दहेज प्रताड़ना के बजाय आत्महत्या से जुड़े आरोपों पर आगे बढ़ेगा। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को तय की है। यह मामला 12 मई का है, जब ट्विशा शर्मा ने फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद ट्विशा के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का आरोप था कि ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था और मांग पूरी न होने पर उसके साथ प्रताड़ना की गई। परिवार का यह भी आरोप था कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के चलते ट्विशा ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। हालांकि, इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने हाईकोर्ट में लिखित आपत्ति पेश की थी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि मामले में दहेज की मांग किए जाने से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच एजेंसी ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के बाद कई डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों को भी शामिल किया था। सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया कि दहेज मांग से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले हैं।
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जज की जमानत याचिका पर सुनवाई, आत्महत्या के आरोपों पर होगी सुनवाई
8 अक्टूबर 2026 को 10:42 pm बजे
