कलेक्टर ने किसानों की फसलों के उपार्जन, खाद-बीज की उपलब्धता और त्योहारों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए
कलेक्टर बालागुरू के. ने कृषि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, औषधि प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों की फसलों का सुचारू रूप से उपार्जन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की कमी न हो। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में किसानों की आवश्यकता के अनुसार खाद का पर्याप्त भंडारण और सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जाए। खाद और बीज की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसानों को बुवाई और फसल उत्पादन के दौरान किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। कलेक्टर ने जिलेभर में खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि अमानक खाद, बीज या कीटनाशक पाए जाते हैं, तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए और अनियमितता करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। बैठक में डीडीए केके उपाध्याय, सहायक आयुक्त सहकारिता सुधीर केथवास, प्रभारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। औसत से कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर ने कृषि अधिकारियों को किसानों को कम पानी में उत्पादित होने वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल विविधीकरण के लाभों से अवगत कराया जाए और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों व उपलब्ध जल संसाधनों के अनुरूप फसल चयन के लिए मार्गदर्शन दिया जाए। मौसम में होने वाले बदलावों को देखते हुए, किसानों को समय-समय पर आवश्यक कृषि सलाह उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उचित निर्णय लेकर फसलों को संभावित नुकसान से बचा सकें। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाए और उनका समय पर निराकरण किया जाए। कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी किसानों के सतत संपर्क में रहकर उन्हें शासन की योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों और उपयोगी कृषि पद्धतियों की जानकारी दें। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें। आगामी त्योहारों को देखते हुए, कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दुकानों का निरीक्षण किया जाए और नमूनों की जांच कराई जाए। मिलावट अथवा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध होना चाहिए। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित निगरानी रखें और जांच अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करें। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार के मिलावटी या निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ न मिलें। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

