दो घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
विदिशा जिले के सिरोंज रोड स्थित भैराखेड़ी चौराहे पर मंगलवार को एक डंपर ने मजदूर रमेश कुशवाहा को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रमेश कुशवाहा (40-45) सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना के बाद रमेश कुशवाहा की सांसें चल रही थीं, लेकिन मदद के लिए परिवारजनों द्वारा बार-बार फोन करने के बावजूद पुलिस और एम्बुलेंस करीब दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर एम्बुलेंस मिल जाती तो रमेश की जान बचाई जा सकती थी। इस देरी ने परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया। परिजनों के इस गंभीर आरोप ने स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी के कारण ही रमेश की जान गई। परिवारजनों ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अपने प्रियजन को खोने के गम और प्रशासन की लापरवाही से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सिरोंज रोड पर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। लोगों की भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क पर लगे जाम के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबा जाम लग गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी दिक्कतें हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाया गया। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने और यातायात सामान्य करने का प्रयास किया। पुलिस की समझाइश के बाद आखिरकार लोगों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में डंपर को जब्त कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।


