सेवानिवृत्ति, असमर्थता और क्षतिपूर्ति पेंशनरों को भी मिलेगा बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ, 1 जुलाई 2026 से लागू
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई राहत की दरों में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। राज्य शासन के निर्णय के अनुसार सातवें वेतनमान के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वालों की महंगाई राहत 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वालों की महंगाई राहत 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है। यह नई दरें एक जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। इस वृद्धि का लाभ जुलाई माह की पेंशन एवं परिवार पेंशन में मिलेगा, जिसका भुगतान अगस्त 2026 में देय होगा। वित्त विभाग के अनुसार, सातवें वेतनमान के पेंशनरों को महंगाई राहत में दो प्रतिशत और छठवें वेतनमान के पेंशनरों को पांच प्रतिशत की वृद्धि का लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण फैसले से प्रदेश के लाखों पेंशनरों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है। विशेष रूप से 80 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी बढ़ी हुई दरों से महंगाई राहत प्रदान की जाएगी। यह प्रावधान राज्य शासन के उस निर्णय का हिस्सा है जो प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ केवल सेवानिवृत्ति पेंशन तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि असमर्थता पेंशन और क्षतिपूर्ति पेंशन प्राप्त करने वालों को भी यह लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, पात्र परिवार पेंशनरों, असाधारण पेंशन प्राप्तकर्ताओं तथा अनुकंपा भत्ता प्राप्त करने वाले पूर्व कर्मचारियों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार इस बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ दिया जाएगा। सरकार का यह कदम विभिन्न श्रेणियों के पेंशनभोगियों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे उन सभी लोगों को राहत मिलेगी जो विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाओं के तहत लाभान्वित हो रहे हैं। जिन पेंशनरों ने अपनी पेंशन का एक हिस्सा सारांशीकृत (चोम्मुतेद) कराया है, उन्हें भी महंगाई राहत का भुगतान सारांशीकरण से पूर्व की मूल पेंशन पर ही किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि पेंशन का जो हिस्सा उन्होंने भविष्य के लिए सुरक्षित रखा है, उस पर भी उन्हें बढ़ी हुई राहत का पूरा लाभ मिले। शासन के निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत, उपक्रमों, स्वशासी संस्थाओं, मंडलों और निगमों में संविलियन के बाद पेंशन के एक-तिहाई हिस्से के प्रत्यावर्तन के पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इस बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिलेगा। यह उन पूर्व कर्मचारियों के लिए भी एक अच्छी खबर है जिन्होंने विभिन्न सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थाओं में अपनी सेवाएं दी हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि पेंशनरों की क्रय शक्ति को बढ़ाने और बढ़ती महंगाई का सामना करने में सहायक सिद्ध होगी। ये संशोधित दरें जुलाई 2026 से लागू हो गई हैं।
