बड़े आयोजनों को देखते हुए भोपाल और उज्जैन में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के ढांचे को मजबूत करने की तैयारी है। इसके लिए प्रगति-50 पहल के तहत शहरों को स्वच्छ आदर्श शहर के रूप में विकसित करने की समयबद्ध कार्ययोजना बनेगी। इस योजना में कचरे को संसाधन बनाने, वेस्ट-टू-वेल्थ और सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। भोपाल में 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए स्वच्छता व्यवस्था को आयोजन-केंद्रित बनाने की तैयारी है। सिंहस्थ के दौरान जीरो-वेस्ट इवेंट और सर्कुलर सैनिटेशन मैनेजमेंट लागू करने की दिशा में काम होगा। योजना में स्रोत पर कचरा पृथक्करण, घर-घर संग्रहण, एमआरएफ सेंटर, कम्पोस्टिंग और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रसंस्करण को मजबूत किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों के कायाकल्प, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोग किए गए जल के पुन: उपयोग और सार्वजनिक स्वच्छता पर भी काम किया जाएगा।
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आयोजनों को देखते हुए भोपाल और उज्जैन में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूती
5 अक्टूबर 2026 को 12:05 am बजे
