मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को केन-बेतवा लिंक परियोजना के पर्यावरणीय अनुपालन से संबंधित जनहित याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। मुख्य न्यायाधीश एवाई गोगजी और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने सरकारों के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया। याचिकाकर्ता और वकील अरिहंत तिवारी ने केंद्रीय सशक्त समिति द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुपालन की मांग की है। तिवारी ने कहा कि इस परियोजना से पन्ना जिले के वन क्षेत्र प्रभावित होंगे, जिसमें टाइगर रिजर्व भी शामिल है। यह परियोजना बाघों, तेंदुओं, गिद्धों और अन्य वन्यजीवों के आवास और आवागमन गलियारों पर भी असर डाल सकती है। उन्होंने केन घड़ियाल अभयारण्य को लेकर भी चिंता जताई है। तिवारी के अनुसार, वन मंजूरी का मुद्दा वर्तमान में राष्ट्रीय हरित अधिकरण के समक्ष लंबित है। यह जनहित याचिका परियोजना के क्रियान्वयन में अनिवार्य नियमों के अनुपालन को लेकर दायर की गई है। अदालत ने दोनों सरकारों को निर्देश दिया है कि वे अगली सुनवाई तक विस्तृत जवाब पेश करें।
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केन-बेतवा लिंक परियोजना: याचिका पर जवाब के लिए केंद्र-राज्य को दो हफ्ते और मिले
14 अक्टूबर 2026 को 11:19 pm बजे

केन-बेतवा लिंक परियोजना: याचिका पर जवाब के लिए केंद्र-राज्य को दो हफ्ते और मिले
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