ग्रामीणों ने कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहकर किया प्रदर्शन
देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े थे, जिसके बाद एसडीएम संजय दुबे मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया
दमोह के आंखखेड़ा गांव के पास मंगलवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों ने बिजली कटौती के विरोध में दमोह पन्ना मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। बिजली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि पिछले 15 दिनों से अचानक बिजली कटौती की जा रही है, जिससे उनकी खेती-बाड़ी का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें दिनभर में केवल 3-4 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जो कि खेती के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। इस समस्या से परेशान होकर उन्होंने सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताया। ग्रामीणों के इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और उन्होंने जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक कलेक्टर आकर उनकी समस्या का प्रत्यक्ष संज्ञान नहीं लेते, तब तक वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। इस दौरान एसडीएम संजय दुबे से ग्रामीण अपनी व्यथा बताते हुए नजर आए। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध और सड़क पर जाम की स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। इसके बाद दमोह के एसडीएम संजय दुबे स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर उनकी बिजली कटौती की समस्या का शीघ्र अति शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। एसडीएम संजय दुबे द्वारा दिए गए ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। उन्होंने प्रशासन के प्रति विश्वास जताते हुए अपना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया। दोपहर 12 बजे ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद सड़क पर यातायात सामान्य रूप से बहाल हो गया। इस प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली कटौती की समस्या ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
