भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मंगलवार सुबह शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस से उतरते समय एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। 35 वर्षीय सुनीता अपनी 15 वर्षीय बेटी लावन्या के साथ ट्रेन से उतर रही थीं, तभी बेटी वॉशरूम से लौटी और ट्रेन चलने लगी। हड़बड़ाहट में मां-बेटी ने चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण दोनों प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच बने गैप में गिर गईं। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। आरपीएफ आरक्षक मदसूदन, जो प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बीट अ3 और अ5 पर तैनात थे, की नजर जैसे ही गिरती हुई मां-बेटी पर पड़ी, उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया दिखाई। बिना एक पल गंवाए मदसूदन दौड़ पड़े और दोनों को सुरक्षित बाहर खींच लिया। उनकी तत्परता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़े हादसे को टाल दिया गया, जिससे दोनों की जान बच गई। इस घटना में मां-बेटी को मामूली खरोंचें और चोटें आईं। आरपीएफ द्वारा प्राथमिक उपचार का प्रस्ताव दिए जाने पर उन्होंने इससे इनकार कर दिया। आरपीएफ ने इस घटना के बाद यात्रियों से अपील की है कि वे चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास कभी न करें। थोड़ी सी जल्दबाजी या लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने यात्रियों को आगाह किया है कि ट्रेन के पूरी तरह रुकने पर ही उतरें या चढ़ें। यह सलाह यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे हादसों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। जान जोखिम में डालकर ट्रेन में चढ़ना या उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। यह घटना उस समय हुई जब सुबह करीब 7:35 बजे ट्रेन भोपाल स्टेशन पहुंची थी। मां-बेटी हजरत निजामुद्दीन से ट्रेन नंबर 12156 (शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस) से यात्रा कर रही थीं। बेटी के शौचालय जाने के कारण वे समय पर नहीं उतर पाईं और ट्रेन चल पड़ी। इसी बीच, 31 मार्च की रात हुए एक अन्य हादसे का जिक्र करते हुए, रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा पर जोर दिया। पिछले महीने भोपाल रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसे एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उसकी उम्र 25 से 28 साल के बीच बताई जा रही थी, जो बिहार का रहने वाला था।
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ट्रेन से गिरीं मां-बेटी, आरपीएफ जवान की तत्परता से बचीं
14 अक्टूबर 2026 को 11:19 pm बजे

ट्रेन से गिरीं मां-बेटी, आरपीएफ जवान की तत्परता से बचीं
