मध्य प्रदेश में आगामी दिनों में कई बड़े आयोजन होने हैं, जिनमें 2 साल बाद उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ भी शामिल है। इन बड़े आयोजनों के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है, जिसके चलते राज्य सरकार को ऐसे अधिकारी की तलाश थी जो केंद्र के साथ प्रभावी तालमेल बिठाकर प्रदेश के हितों को साध सके। इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी संकेत भोंडवे पर भरोसा जताया है। उन्हें आवासीय आयुक्त दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह पद केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने और राज्य के लिए लाभप्रद कार्य सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। संघीय सरकार और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करने वाले इस महत्वपूर्ण पद के लिए आईएएस संकेत भोंडवे को चुना गया है। वे वर्तमान में नगरीय विकास विभाग के आयुक्त के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने को भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस नियुक्ति का सीधा संबंध आगामी सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों और अन्य महत्वपूर्ण प्रदेशव्यापी योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन से है। संकेत भोंडवे अब दिल्ली में मध्य प्रदेश सरकार से संबंधित विभिन्न कार्यों की देखरेख करेंगे। पदीय जिम्मेदारियों के निर्वहन के साथ-साथ, वे प्रदेश सरकार और केंद्र के बीच तालमेल बिठाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। सिंहस्थ महाकुंभ और राज्य की अन्य विकास योजनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके चयन को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह नियुक्ति संकेत भोंडवे के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। वहीं, एक अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल में, आईएएस भरत यादव ने 20 माह के अंतराल के बाद मंत्रालय में वापसी की है। उन्हें एक महत्वपूर्ण सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। भरत यादव पहले भी मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में कार्य कर चुके हैं, लेकिन जनवरी 2024 में कुछ प्रशासनिक कारणों से उन्हें सीएमओ से हटा दिया गया था। तब उन्हें एमपीआरडीसी का जिम्मा सौंपा गया था, जिसकी उस समय काफी चर्चा हुई थी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भरत यादव के खिलाफ उस समय कई तरह की नकारात्मक बातें फैलाई गई थीं, जिन्हें बाद में स्पष्ट कर दिया गया। मध्य प्रदेश सरकार को उनके खिलाफ किसी भी मामले में कोई ठोस सबूत या दस्तावेज़ नहीं मिले। इन सब बातों के स्पष्ट होने के बाद, सरकार ने उन्हें एक और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। अब आईएएस भरत यादव को सचिव बनाया गया है, जो उन्हें अतिरिक्त प्रभार के रूप में मिला है। इस नई नियुक्ति के बावजूद, आईएएस भरत यादव के पास एमपीआरडीसी का पूर्ववत जिम्मा बना रहेगा। इसका मतलब है कि वे अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ नई भूमिका का भी निर्वहन करेंगे। यह दोहरी जिम्मेदारी उनके प्रशासनिक कौशल और क्षमता का प्रमाण है। मंत्रालय में उनकी वापसी को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है। संकेत भोंडवे को आवासीय आयुक्त दिल्ली का प्रभार मिलने के बाद, यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार बड़े आयोजनों के प्रबंधन के लिए अनुभवी अधिकारियों पर निर्भर कर रही है। सिंहस्थ जैसे आयोजन, जिनमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं, उनके लिए सुचारू व्यवस्था और प्रभावी समन्वय की आवश्यकता होती है। ऐसे में, संकेत भोंडवे की नियुक्ति इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र सरकार से तालमेल बिठाने की उनकी क्षमता को देखते हुए, उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पद राज्य के विकास और कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करता है। संकेत भोंडवे इस अवसर का उपयोग प्रदेश के हित में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए करेंगे, ऐसी अपेक्षा है।
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संकेत भोंडवे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, केंद्र से तालमेल बैठाएंगे आईएएस अधिकारी
14 अक्टूबर 2026 को 11:19 pm बजे

संकेत भोंडवे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, केंद्र से तालमेल बैठाएंगे आईएएस अधिकारी
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