उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर का मुख्य गेट बुधवार सुबह बंद कर दिया गया, जिससे फूल-प्रसादी बेचने वाले व्यापारी भड़क उठे। व्यापारियों को आशंका थी कि गेट स्थायी रूप से बंद किया जा रहा है, जबकि असल वजह मंदिर के सामने चल रहा निर्माण कार्य और उससे बना बड़ा गड्ढा था। सुरक्षा के लिहाज से इस गेट को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन व्यापारियों ने इसे स्थायी मान लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुख्य गेट बंद होने के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर एकत्र हुए और उन्होंने यातायात जाम कर दिया। इस दौरान व्यापारियों ने निर्माण कार्य के दौरान सहयोग करने और वाहनों की व्यवस्था संभालने की बात कही। उनका कहना था कि गेट बंद होने से उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा है और श्रद्धालुओं को आने-जाने में भी असुविधा हो रही है। यह जाम करीब एक घंटे तक चला। व्यापारियों की मांग थी कि गेट को तुरंत खोला जाए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी अभिषेक शर्मा ने स्पष्ट किया कि गेट बंद करने का निर्णय केवल आधे से एक घंटे के लिए लिया गया था। उन्होंने बताया कि सामने सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण खुदाई और बड़ा गड्ढा बन गया था। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक अस्थायी व्यवस्था थी। अभिषेक शर्मा ने आगे बताया कि श्रद्धालुओं को पीछे के गेट से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। लेकिन व्यापारियों ने इस अस्थायी व्यवस्था को गेट के स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय समझ लिया, जिसके कारण उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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चिंतामन गणेश मंदिर का गेट बंद, भड़के व्यापारी
14 अक्टूबर 2026 को 11:19 pm बजे

चिंतामन गणेश मंदिर का गेट बंद, भड़के व्यापारी
