भारतीय जनता पार्टी ने दमोह विधानसभा क्षेत्र में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रबुद्ध जन संवाद संगोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र से जुड़े गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श करना और समसामयिक परिस्थितियों पर प्रबुद्ध वर्ग के विचारों को साझा करना था। संगोष्ठी में लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति, उसके समक्ष चुनौतियां और भविष्य की दिशाओं पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ नेता एवं विधायक जयंत कुमार मलैया ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक नागरिकों की भागीदारी को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि प्रबुद्ध जन समाज को सही दिशा दिखाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विधायक मलैया ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता के बिना लोकतंत्र केवल एक ढांचा बनकर रह जाएगा। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा कि आज के समय में लोकतंत्र की रक्षा करना और अराजकता के विरुद्ध जनजागरण फैलाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन और जनहित के प्रति सदैव समर्पित रही है। शिवहरे ने यह भी कहा कि अराजकता किसी भी समाज के विकास में बाधक होती है और इससे निपटना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के संयोजक एवं जिला उपाध्यक्ष संजय सेन ने संगोष्ठी के आयोजन के पीछे के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह मंच प्रबुद्धजनों को अपने विचार व्यक्त करने और लोकतंत्र के समक्ष खड़ी चुनौतियों पर सामूहिक समाधान खोजने का अवसर प्रदान करने के लिए तैयार किया गया था। सेन ने प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके विचार निश्चित रूप से पार्टी की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे। प्रमुख वक्ता के तौर पर जिला उपाध्यक्ष मनीष सोनी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिसमें नागरिकों की निरंतर भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि देश के विकास और सामाजिक समरसता के लिए मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं का होना अत्यंत आवश्यक है। सोनी ने युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। वरिष्ठ नेता विद्यासागर पांडे ने संगोष्ठी में अपने संबोधन में कहा कि प्रबुद्ध वर्ग की सोच और उनके द्वारा दिए गए सुझाव देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि आज जब हम वैश्विक स्तर पर विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। पांडे ने इतिहास के उदाहरणों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे जागरूक नागरिकों ने समय-समय पर देश को सही राह दिखाई है। प्रबुद्ध वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए शिक्षाविद् और पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी पीएल शर्मा ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में लोकतांत्रिक मूल्यों के समावेश की आवश्यकता पर जोर दिया। शर्मा ने कहा कि बच्चों को कम उम्र से ही नागरिक कर्तव्यों और अधिकारों के बारे में सिखाया जाना चाहिए ताकि वे कल के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
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प्रबुद्ध जन संवाद संगोष्ठी में भाजपा ने लोकतंत्र और अराजकता पर दमोह में चर्चा की
30 अक्टूबर 2026 को 11:24 pm बजे
प्रबुद्ध जन संवाद संगोष्ठी में भाजपा ने लोकतंत्र और अराजकता पर दमोह में चर्चा की
