इंटर्नशिप योजना, पीपीपी मॉडल पर छात्रावास संचालन और शैक्षणिक भ्रमण पर हुई अहम बातचीत
उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. अनुपम राजन ने प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीहोर जिले के शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में महाविद्यालयों की व्यवस्थाओं, सामने आ रही समस्याओं और शैक्षणिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. राजन ने उपस्थित प्राचार्यों को समस्याओं के त्वरित निराकरण और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने महाविद्यालयों को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर जोर दिया। डॉ. राजन ने महाविद्यालय के शैक्षणिक स्टाफ से विभिन्न कार्य योजनाओं पर चर्चा करते हुए विशेष रूप से आगामी तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एईडीपी पाठ्यक्रम के अंतर्गत इंटर्नशिप योजना को पहले से ही विस्तृत रूप से तैयार कर लिया जाए और उसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए। यह योजना विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने में सहायक होगी। उन्होंने इस योजना की समयबद्ध तैयारी पर बल दिया। बैठक में छात्रावास की आवश्यकता को देखते हुए पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर निजी संस्था के माध्यम से इसके संचालन की संभावना पर भी गहन चर्चा हुई। इस मॉडल से छात्रावास की सुविधाओं को बेहतर बनाने और उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। इस पर आगे विचार-विमर्श करने का निर्णय लिया गया। अपर मुख्य सचिव ने बहुविषयक शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो विद्यार्थियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक भ्रमण और प्रशिक्षण का लाभ उठाने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। इससे उनकी ज्ञान की परिधि बढ़ेगी और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी मिलेगी।
