सड़क से गौशाला अभियान के तहत अब तक करीब 6 हजार निराश्रित गौवंश को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने का कार्य किया गया है
सड़कों पर बेसहारा घूमते गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चलाए जा रहे "सड़क से गौशाला" अभियान को अब और गति मिलेगी। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) प्रबंधन ने नया काउ लिफ्टर वाहन उपलब्ध कराया है। इस वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान के लिए रवाना किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर बैठे गौवंश को दुर्घटनाओं का शिकार होने से बचाना है। प्रशासन ने गौपालकों से पहले ही अनुरोध किया था कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें। अभियान के दौरान वाहनों की उपलब्धता में आ रही समस्या को देखते हुए यह नया काउ लिफ्टर वाहन दिया गया है, जिससे निराश्रित गौवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अब तक इस अभियान के तहत करीब 6 हजार गौवंश को गौशालाओं में पहुंचाया जा चुका है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि जब तक सभी निराश्रित गौवंश सुरक्षित नहीं पहुंचा दिए जाते, यह अभियान जारी रहेगा। समाजसेवी भाव सिंह लोधी और लाल चंद राय ने भी इस पहल की सराहना की है। उन्होंने गौवंश की सुरक्षा को प्रशासन के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी बताया। साथ ही, उन्होंने सड़कों पर बैठे गौवंश के सींगों पर रेडियम पट्टी लगाने का सुझाव दिया, ताकि रात में वाहन चालकों को उनकी उपस्थिति का संकेत मिल सके। यह कदम वाहन चालकों और गौवंश, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

