मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में प्लाट और मकान के कच्चे पट्टे धारकों को पक्की रजिस्ट्री कराकर निःशुल्क मालिकाना हक देने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों को संपत्ति का मालिकाना हक देना है जिनके पास फिलहाल कच्चे पट्टे हैं। यह योजना ग्रामीण आबादी के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आगामी धनतेरस के शुभ अवसर पर अपने-अपने जिलों के अधिक से अधिक गांवों में इस मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना (स्वामित्व रजिस्ट्री) के तहत शत-प्रतिशत रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारियों को स्थानीय सांसदों और विधायकों के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया है, ताकि लोगों को इस योजना का लाभ अधिकतम मिल सके और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके। यह योजना विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों को लक्षित कर रही है जो वर्षों से अपनी जमीन या मकान के कच्चे पट्टों पर निर्भर हैं। पक्की रजिस्ट्री मिलने से उनकी संपत्ति सुरक्षित हो जाएगी और वे उसका पूर्ण उपयोग कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि धनतेरस के दिन अधिक से अधिक गांवों को इस योजना के तहत कवर किया जाए, जिससे लोगों को एक बड़ी सौगात मिल सके। मुख्यमंत्री ने इस अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले पटवारियों और तहसीलदारों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में रजिस्ट्री कराने में इन अधिकारियों ने सराहनीय कार्य किया है, उन्हें आगामी 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवा का प्रतीक होगा, जो उन्हें भविष्य में और भी बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगा। इन सम्मानित अधिकारियों के महत्वपूर्ण योगदान का रिकॉर्ड रखा जाएगा और यह बड़ी उपलब्धि उनकी सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) में भी दर्ज की जाएगी। यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि अन्य अधिकारियों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत का काम करेगा।
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धनतेरस पर ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत रजिस्ट्री का लक्ष्य, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे
