मुख्यमंत्री रतलाम में विसाजी मेंशन पहुंचे, दिवंगत आत्मा को दी श्रद्धांजलि
शोकाकुल परिवार को ढांढस
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी, एवं समाजसेवी स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री यादव ने रतलाम स्थित विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड पहुंचकर स्व. काश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें माताजी का स्नेह सदैव मिलता रहा। उन्होंने कुक्षी जैसे छोटे स्थान से अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ की। पति के निधन के बाद उन्होंने अपनी छोटी-छोटी संतानों को संभाला और उन्हें संस्कारों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने दूरदृष्टि के साथ अपने पुत्रों को कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी और परिवार को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता की निशानी है। स्व. काश्यप ने अपने उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी कार्ययात्रा को आगे बढ़ते हुए देखा। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि तेजकुंवरबाई के नाम में ही तेज समाहित था और उनका तेज सदैव सबके कल्याण के लिए रहा। उन्होंने उनके जीवन की यात्रा को निकट से देखा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पुण्यात्मा को शत-शत नमन करते हुए परमात्मा के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप की माताजी, समाजसेवी स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री यादव ने रतलाम में उनके निवास स्थान पर पहुंचकर स्व. काश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने कुक्षी जैसे छोटे स्थान से अपनी जीवन यात्रा शुरू की थी। पति के निधन के उपरांत उन्होंने अपनी छोटी संतानों को संभाला और उन्हें संस्कारों के साथ आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री यादव ने दिवंगत पुण्यात्मा को शत-शत नमन करते हुए परमात्मा से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। उन्होंने ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की। इस दुखद अवसर पर मुख्यमंत्री यादव की उपस्थिति ने परिजनों को संबल प्रदान किया। उन्होंने स्व. तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और उनके सामाजिक कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही हम समाज का भला कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता का प्रतीक होती है। स्व. काश्यप ने अपने उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उन्हें अपने कार्यों में आगे बढ़ते देखा। उन्होंने अपने नाम के अनुरूप ही तेज और कल्याणकारी भावना से सबके जीवन में प्रकाश फैलाया। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण में सक्रिय है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि तेजकुंवरबाई का जीवन प्रेरणादायक था। उन्होंने अपने जीवन में अनेक बाधाओं का सामना करते हुए भी अपने परिवार को संभाला और समाज के लिए भी योगदान दिया।

