ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग ने की कार्रवाई, कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका सरपंच पति
बहोरीबंद: सरपंच पति के अवैध मुरूम भंडारण पर राजस्व विभाग का शिकंजा
बहोरीबंद जनपद में सरपंच पति ब्रजेश गुप्ता की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। शासकीय जमीन से मुरूम का अवैध खनन कर उसका भंडारण करने के मामले में राजस्व विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने मुरूम से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर लिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध खनन करने वाले माफियाओं में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों की लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सरपंच पति द्वारा बड़े पैमाने पर मुरूम का अवैध उत्खनन कर उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इन शिकायतों के आधार पर राजस्व अमले ने मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान यह पाया गया कि सरपंच पति ब्रजेश गुप्ता ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से मुरूम का अवैध रूप से परिवहन कर रहा था और उसे नियम विरुद्ध तरीके से एक स्थान पर जमा कर रहा था। इस मामले में नायब तहसीलदार माधव मोगरे ने बताया कि उन्हें बहोरीबंद में बड़े पैमाने पर मुरूम के अवैध भंडारण की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां मुरूम से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी मिली। पूछताछ के दौरान सरपंच पति ब्रजेश गुप्ता मुरूम के परिवहन के लिए कोई वैध दस्तावेज या रॉयल्टी पर्ची प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद नियमानुसार मौके पर पंचनामा की कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग ने मुरूम से भरी ट्रैक्टर-ट्राली को जब्त कर अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में अवैध खनन के कारोबार में लगे लोगों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब ब्रजेश गुप्ता इस तरह के अवैध कार्यों में लिप्त पाया गया हो। इससे पहले भी शासकीय भूमि पर अवैध खनन करते पाए जाने पर तत्कालीन तहसीलदार द्वारा उसकी जेसीबी और पोकलेन मशीन को जब्त किया गया था। इसके बावजूद, सरपंच पति अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है और लगातार शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच पति के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह सरपंच पद की आड़ में अवैध कारोबार संचालित कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत के विकास कार्यों में भी गुणवत्ताहीन मुरूम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक चुनौती पेश कर रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में खलबली मची हुई है। उम्मीद है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा। राजस्व विभाग ने आगे भी इस तरह की अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। यह घटना शासकीय नियमों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लापरवाही को उजागर करती है। प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह ऐसे मामलों में गंभीरता से जांच करे और दोषियों को सजा दिलाए ताकि सरकारी संपदा का दुरुपयोग रोका जा सके।

