अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और अधिक तेज और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी गतिविधि न कर सके। यह निर्देश उन्होंने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान दिए, जिसमें विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों और जनसमस्याओं के निराकरण पर गहन चर्चा हुई। बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने CM हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों में लंबित समय-सीमा पत्रों तथा जनसमस्याओं के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने रेंडम रूप से 5 प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की और पाया कि कुछ मामलों में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। वर्मा ने जिले में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं सार्वजनिक स्थलों पर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रबंध नहीं पाए जाएं, वहां संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान, कलेक्टर वर्मा ने विशेष रूप से कुछ मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसमें अन्त्यावसायी विकास निगम की सहायक ग्रेड-3 को शौकाज नोटिस देना, राशन कार्ड संबंधी शिकायत पर जांच कर दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई करना, नामांतरण नहीं होने संबंधी शिकायत के निराकरण में लापरवाही पर विस्तृत जांच करवाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, इंदौर विकास प्राधिकरण की एक शिकायत में संपदा अधिकारी तथा संपदा अधिकारी वर्ग-2 का पाँच दिवस का वेतन काटने और कृषि महाविद्यालय में एक छात्र को आवास भत्ते संबंधी शिकायत के निराकरण में लापरवाही करने पर एल-1 अधिकारी को शौकाज नोटिस देने के निर्देश दिए गए।




