महाकाल नगरी उज्जैन में प्रॉपर्टी बाजार में तेजी देखी जा रही है। जमीन, मकान और दुकानों की खरीद-बिक्री में उछाल का असर सरकारी खजाने पर भी दिख रहा है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक जिले में कुल 40,644 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ, जिससे सरकार को 247.30 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। पिछले साल इसी अवधि में 240.42 करोड़ रुपये की आय हुई थी। इस बार राजस्व में 6.88 करोड़ रुपये, यानी 2.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि प्रॉपर्टी सौदों में आई तेजी को दर्शाती है। त्योहारी सीजन में संपत्ति खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। धनतेरस के दिन पंजीयन कार्यालय खुला रहेगा, जिससे लोग शुभ मुहूर्त में अपनी नई संपत्ति का पंजीयन करा सकेंगे। हालांकि, दीपावली के दिन कार्यालय में अवकाश रहेगा। धनतेरस पर रजिस्ट्री कराने के इच्छुक लोगों को सलाह दी गई है कि वे पहले से स्लॉट बुक करा लें और सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। इससे प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सकेगी। वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि अचल संपत्तियों के पंजीयन से प्राप्त होने वाले राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह दर्शाता है कि प्रॉपर्टी बाजार में लोगों की सक्रियता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच जिले में कुल 247.30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। यह बढ़ोतरी न केवल सरकारी राजस्व के लिए अच्छी खबर है, बल्कि यह प्रॉपर्टी बाजार में निवेश और खरीद-बिक्री की बढ़ती प्रवृत्ति का भी संकेत देती है।
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उज्जैन प्रॉपर्टी बाजार में तेजी, राजस्व बढ़ा
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे

उज्जैन प्रॉपर्टी बाजार में तेजी, राजस्व बढ़ा
