भोपाल में सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने दीपावली से पहले शहर की सफाई व्यवस्था बिगाड़ दी है। घरों से कचरा नहीं उठने पर सड़कों, गलियों, बाजारों और दुकानों के बाहर ढेर लग रहे हैं। प्लास्टिक और पॉलीथिन सड़कों पर फैल रही है, जबकि सब्जियों और फलों के सड़ते कचरे से बदबू बढ़ रही है। कचरा जमा होने से नालियों के आसपास गंदगी बढ़ी है और त्योहार की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ रही भीड़ के बीच लोगों तथा व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। कोटरा क्षेत्र में व्यापारियों ने खुद झाड़ू संभाली और दुकानों के आसपास का कचरा समेटा। उन्होंने दुकानदारों से कचरा बोरियों में सुरक्षित रखने की अपील भी की। हड़ताल का सबसे बड़ा असर घर-घर कचरा संग्रहण पर पड़ा है। भोपाल में नगर निगम की 800 से ज्यादा कचरा गाड़ियों के पहिये थमने की जानकारी सामने आई है। इन्हीं गाड़ियों से घरों और प्रतिष्ठानों का कचरा गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों तक पहुंचता है, जहां से उसे आदमपुर छावनी की डंपिंग साइट भेजा जाता है। सामान्य दिनों में भोपाल से रोजाना करीब 850 से 900 टन कचरा निकलता है। दीपावली की सफाई और बाजारों की बढ़ी गतिविधियों से यह मात्रा करीब 1,000 टन प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे समय संग्रहण व्यवस्था ठप होने से समस्या और गंभीर हो सकती है। न्यू मार्केट, बिट्टन मार्केट, एमपी नगर, चौक बाजार, नवबहार सब्जी मंडी और बैरागढ़ में कचरा जमा है। सफाईकर्मियों ने लंबित 18 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले तीन नवंबर को भोपाल के शाहजहांनी पार्क में प्रदेशभर के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था। 57 जिलों से कर्मचारी और संगठन पदाधिकारी पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने जहांगीराबाद चौराहे पर जाम लगाकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देना चाहा। 05 नवंबर को दीपावली से पहले क्षेत्र में अभियान चलाया गया।
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हड़ताल से सफाई व्यवस्था ठप
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे
