मंडला में लघु वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट खोलने की घोषणा की गई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंडला जिले में जनजातीय समुदाय के विकास और उन्हें उनका वाजिब हक दिलाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है और वनों की सुरक्षा, संवर्धन व प्रबंधन में उनका योगदान अतुलनीय है। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करने को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी भाई-बहनों को उनकी मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना और उनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मंडला जिले में लघु वनोपज के बहुतायत में संग्रहण को देखते हुए मुख्यमंत्री यादव ने घोषणा की कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधीन यहां एक लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी। इससे वनोपजों से जुड़ी आजीविका मजबूत होगी और जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस जिले में वन्य जीव पर्यटन के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री यादव ने मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन हो चुका है, जिससे जिले में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले इस जिले में पान की खेती आमदनी का बड़ा जरिया थी, जिसे अब पुन: प्रारंभ किया जाएगा। रविवार को मंडला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए आयोजित प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम और तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया।

